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Mental Health: अंदर ही अंदर टूट रहे हैं? मेंटल हेल्थ के इन रेड फ्लैग्स को पहचानिए, वरना बढ़ सकती है दिक्कत

Fri, 27 Mar 2026 08:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं। तनाव और अवसादइसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। लंबे समय तक काम का दबाव, आर्थिक समस्याएं, पारिवारिक कलह, सोशल मीडिया का अधिक उपयोग और अकेलापन मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
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तनाव-स्ट्रेस की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते रहना ही काफी नहीं है, मेंटल हेल्थ को लेकर भी सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं। स्ट्रेस-एंग्जाइटी की समस्या हर उम्र के लोगों में आम हो गई है। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा काम का दबाव, आर्थिक समस्याएं, पारिवारिक कलह जैसी विपरीत परिस्थितियों के कारण मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मेंटल हेल्थ का ठीक रहना भी बहुत जरूरी है। जिन लोगों को अक्सर स्ट्रेस या डिप्रेशन की समस्या होती है, उनमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर से लेकर इंफ्लेमेशन जैसी कई गंभीर दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

डॉक्टर कहते हैं, मेंटल हेल्थ के रेड फ्लैग्स को पहचानना जरूरी है, ताकि समय पर इलाज हो जाए और आप गंभीर दिक्कतों से बच सकें।
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कम उम्र के लोगों में बढ़ती मेंटल हेल्थ की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
मानसिक स्वास्थ्य  समस्याओं का खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हर सात में से एक व्यक्ति किसी न किसी तरह की मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है। पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगी माहौल, करियर की असुरक्षा, सोशल मीडिया दूसरों से अपनी तुलना करना और पारिवारिक तनाव आपके मानसिक स्वास्थ्य को दिक्कत पहुंचा सकती है।
 
  • लोगों में बढ़े अकेलेपन और स्क्रीन टाइम का भी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर होता है।
  • अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि जो लोग अकेलेपन का शिकार हैं, उनमें कैंसर जैसी समस्याओं तक का खतरा हो सकता है।
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मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और इसका जोखिम - फोटो : Adobe stock
क्यों बढ़ती जा रही है ये दिक्कत

मेंटल हेल्थ की समस्याओं के लिए अध्यययनों में दिमाग में कुछ प्रकार के न्यूरोट्रांसमीटर और हार्मोंन्स में गड़बड़ी को भी बड़ा कारण माना जाता है। दिमाग में सेरोटोनिन, डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर का असंतुलन डिप्रेशन और एंग्जायटी को बढ़ा सकता है।
 
  • सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना करने की आदत आत्मसम्मान को कम कर सकती है, जिससे अवसाद का खतरा बढ़ता है। 
  • नींद की कमी और अनियमित जीवनशैली हार्मोनल असंतुलन पैदा कर मानसिक स्थिति को बिगाड़ सकती है। 
  • नशे का सेवन, विशेषकर शराब और ड्रग्स, दिमाग की कार्यप्रणाली पर असर डालकर मानसिक समस्याओं को गंभीर बना सकता है। 
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कहीं आपको भी तो नहीं हो गई है मेंटल हेल्थ की समस्या - फोटो : adobe stock images
मेंटल हेल्थ समस्याओं के रेड फ्लैग्स को जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मेंटल हेल्थ समस्याओं के कुछ रेड फ्लैग्स बताए हैं जिनपर ध्यान देते रहना जरूरी है।
 
  • लगातार उदासी या खालीपन महसूस करना।
  • पहले जिन चीजों में रुचि थी, उनमें अचानक दिलचस्पी खत्म हो जाना।
  • नींद के पैटर्न में बदला, बहुत ज्यादा सोना या अनिद्रा की समस्या।
  • भूख कम लगना। अचानक वजन बढ़ना या कम होना।
  • चिड़चिड़ापन, गुस्सा या छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक प्रतिक्रिया देना।
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और पढ़ाई या काम में गिरावट।
  • सामाजिक दूरी बनाना, दोस्तों और परिवार से अलग-थलग रहना।
  • बिना किसी शारीरिक कारण के थकान और ऊर्जा में कमी रहना।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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