फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट: त्वचा-आंखों में दिखने वाले ये बदलाव बताते हैं सेहत का हाल, कहीं लिवर तो नहीं हो रहा डैमेज?

Sun, 25 Oct 2026 07:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Liver Damage Symptoms: लिवर की बीमारी बढ़ने पर आंखों और त्वचा में पीलापन, लगातार खुजली और पेट में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इन संकेतों की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। आंखों में पीलापन दिखने पर डॉक्टर से जांच कराएं और गंभीर लक्षणों में तुरंत मदद लें।
विज्ञापन
1 of 4
लिवर की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने हमारी पूरी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि जो बीमारियां पहले उम्र बढ़ने के साथ हुआ करती थीं, वह अब कम उम्र वालों को भी अपना शिकार बना रही हैं। सभी उम्र के लोगों में बढ़ते लिवर रोग के मामलों के कारण विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं।

लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो भोजन को पचाने से लेकर पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, शरीर से हानिकारक पदार्थों को निकालने और खून के थक्के बनने में मदद करने वाले प्रोटीन बनाने जैसे काम करता है। जब लिवर में किसी वजह से समस्याएं होने लगती है, तो इसका असर पूरी सेहत पर देखा जा सकता है।

लिवर में फैट जमा होने यानी फैटी लिवर की समस्या भारतीय आबादी में तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने इसके पता लगाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि कैसे जान सकते हैं कि कहीं आपका लिवर डैमेज तो नहीं हो रहा और कैसे इसका पता लगा सकते हैं?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
पीलिया की समस्या - फोटो : Adobe Stock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लिवर की समस्याओं के शुरुआती दौर में कई बार स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि बीमारी बढ़ने पर त्वचा और आंखों में कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं।

लिवर की बीमारियों के कारण अक्सर लोगों में त्वचा के पीला पड़ना, लगातार खुजली, आसानी से चोट के निशान बनने और पेट में सूजन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा लिवर डैमेज होना नहीं है, इनके पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 

आंखों और त्वचा में पीला पड़ने की समस्या

आंखों के सफेद हिस्से और त्वचा में पीलापन दिखना पीलिया का संकेत हो सकता है। ऐसा तब होता है जब खून में बिलीरुबिन नामक पदार्थ जमा होने लगता है। लिवर की बीमारी के कारण बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ पीलिया के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। आंखों या त्वचा में पीलेपन को स्किन की समस्या मानने की गलती न करें, ये लिवर की बीमारियों का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन

3 of 4
पीलिया की समस्या - फोटो : Adobe Stock
लिवर की समस्याओं के इन संकेतों को भी जानिए

बिना स्पष्ट वजह के लगातार त्वचा में खुजली होना लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों का संकेत हो सकता है। कई बार त्वचा पर कोई खास दाने दिखाई नहीं देते, फिर भी खुजली परेशान कर सकती है। लगातार ऐसी समस्या होने पर लिवर की जांच जरूरी है।
 
  • लिवर खून का थक्का बनाने में मदद करने वाले कई प्रोटीन तैयार करता है। लिवर की गंभीर बीमारी में इनका उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे आसानी से चोट के निशान पड़ने या ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
  • लिवर की गंभीर बीमारी में पेट में तरल जमा होने से सूजन हो सकती है। इसके साथ पैरों में सूजन, कमजोरी और भूख कम लगने जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। गहरे रंग का पेशाब और हल्के रंग का मल भी लिवर की बीमारियों के संकेत हो सकते हैं।
विज्ञापन

4 of 4
हेल्दी डाइट जरूरी - फोटो : Freepik.com
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खान-पान और लाइफस्टाइल में सुधार कर लिया जाए तो लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है। 

लिवर को हेल्दी रखने के लिए शराब से दूरी बनाकर रखें और संतुलित भोजन करें। वजन को कंट्रोल में खें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं या हर्बल सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल भी न करें। आंखों में पीलापन दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। पीलिया के साथ तेज पेट दर्द, बुखार, उलझन जैसी समस्याओं को अनदेखा न करें।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: ये रूपायन में प्रकाशित कंटेट है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें