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Liver Disease: 20 साल में दोगुने हो गए लिवर सिरोसिस के मरीज, हर दूसरा रोगी इस आदत का शिकार

Fri, 07 Feb 2025 03:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) के बढ़ते मामले काफी चिंताजनक हैं। एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार  पिछले 20 साल में लिवर सिरोसिस के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इसमें 43 फीसदी ऐसे लोग हैं जिनको शराब पीने के कारण ये बीमारी हुई है।
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लिवर रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com
लिवर हमारे शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। करीब 1.5 किलो का ये अंग कई महत्वपूर्ण कार्य करता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत आवश्यक माने जाते हैं। पर क्या आप अपने लिवर का सही तरीके से ख्याल रखते हैं? ये सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि दुनियाभर में लिवर से संबंधित बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित गड़बड़ियों ने इस अंग की बीमारियों के जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। बड़ी संख्या में युवा आबादी लिवर रोगों का शिकार हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग देश में तेजी से बढ़ रहे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज को लेकर चिंता जताता रहा है। पिछले साल सिंतबर में एक रिपोर्ट में कहा गया कि देश  में लगभग 66% मौतों का मुख्य कारण लिवर से संबंधित बीमारियां हैं। साल-दर-साल इसका जोखिम और भी बढ़ता जा रहा है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कम उम्र से ही अपने जोखिम कारकों को पहचानना और बचाव के लिए उपाय करते रहना आवश्यक है।
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लिवर में फैट बढ़ने की समस्या - फोटो : Freepik.com
फैटी लिवर के बढ़ते मामलों को लेकर अलर्ट

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, देश में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) के बढ़ते मामले काफी चिंताजनक हैं, इसके कारण स्वास्थ्य क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता जा रहा है। सितंबर में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (एनएएफएलडी) डिजीज तेजी से प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता के रूप में उभरती समस्या है। युवाओं में इसका खतरा और भी बढ़ गया है। देश में हर दस में से करीब तीन लोग इस समस्या के शिकार देखे जा रहे हैं।

एनएएफएलडी और कई प्रकार की मेटाबॉलिक बीमारियों जैसे मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों के बीच संबंध पाया गया है। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर के शिकार लोगों की निरंतर देखभाल और इलाज बहुत महत्वपूर्ण है। 
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लिवर की गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com
एम्स विशेषज्ञों ने लिवर सिरोसिस को लेकर जताई चिंता

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित गड़बड़ियों ने लिवर से संबंधित जिन रोगों को काफी बढ़ा दिया है, लिवर सिरोसिस की समस्या भी उनमें से एक है। पिछले 20 साल में लिवर सिरोसिस के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इसमें 43 फीसदी ऐसे लोग हैं जिनको शराब पीने के कारण ये बीमारी हुई है। इतना ही नहीं चिंताजनक बात ये भी है कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी शराब पीने से परहेज नहीं कर रहे।

ये एक आदत युवा आबादी में तेजी से लिवर रोगों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।  जिन घरों में शराब पीना आम बात है, उन घरों के बच्चों में इसकी आदत मिल रही है।

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शराब के कारण हो सकते हैं गंभीर नुकसान - फोटो : Freepik.com
लिवर के हर दूसरे मरीज को शराब की आदत

एम्स के एक शोध में खुलासा हुआ है कि लिवर के हर दूसरे वयस्क मरीज को शराब की लत है। विशेषज्ञ बताते हैं कि रहन सहन में आए बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के लिए शराब पीना जीवन शैली का हिस्सा बन गया है, जो शरीर को कई प्रकार से क्षति पहुंचाने वाली मानी जाती रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि  एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में 25 से 45 साल के लिवर सिरोसिस के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। कारणों के परीक्षण में डॉक्टर्स ने पाया कि इसमें से अधिकतर लोगों को शराब पीने की लत है। 
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शराब से बना लें दूरी - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

इस शोध के लिए देशभर से 41,432 लोगों को शामिल किया गया जिनपर 147 शोध हुए। इस शोध में शराब के कारण 17,898 (43.2%) मरीजों में, हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण 4764 (11.5%) मरीजों में, हेपेटाइटिस सी वायरस के कारण 2568 (6.2%) मरीजों में और नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग/ क्रिप्टोजेनिक रोग के कारण 5966 (14.4%) मरीजों में सिरोसिस का खतरा पाया गया है। 

अध्ययन की रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले तीन दशकों में शराब से संबंधित सिरोसिस का अनुपात काफी बढ़ गया है, जबकि वायरल से संबंधित सिरोसिस के अनुपात में गिरावट देखी गई है। शराब के सेवन से लिवर में वसा जमा होने लगती है जो लिवर के सामान्य कार्य में रुकावट डाल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं लिवर की बीमारी से बचे रहने के लिए शराब की आदत से दूरी बनाना सबसे जरूरी है।


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स्रोत और संदर्भ
The Pattern of Alcohol Use in Alcohol-Related Cirrhosis in Indian Patients: AUDIT Indian Liver Study


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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