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Health Tips: बार-बार पैर सुन्न होना या झुनझुनी आना, हो सकते हैं इन खतरनाक बीमारियों के शुरुआती लक्षण

Mon, 28 Jul 2025 04:34 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोगों के पैर में झुनझुनी पड़ने और सुन्न होने की समस्या होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, कुछ मामलों में ये गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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पैरों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
Peripheral Neuropathy Signs: क्या कभी आपके हाथ, पैर या शरीर का कोई हिस्सा अचानक सुन्न हुआ है, या फिर उसमें झुनझुनी महसूस हुई है? हममें से ज्यादातर लोगों ने कभी न कभी इस अनुभव का सामना किया होगा। अक्सर यह थोड़े समय के लिए होता है, जब किसी नस पर दबाव पड़ता है और शरीर का पोजिशन बदलने पर सब ठीक हो जाता है। सामान्य तौर पर ऐसा तभी होता है, जब आप गलत पोस्चर में बैठे हों।

लेकिन अगर बिना किसी कारण के अचानक पैरों में या शरीर का कोई भी अंग सुन्न हो रहा है या झुनझुनी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। यह किसी गंभीर और खतरनाक बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिस पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है। यह लेख आपको इन लक्षणों को समझने और संभावित अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानने में मदद करेगा।
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हाथों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
सुन्न होने और झुनझुनी के प्रमुख कारण
पैरों का सुन्न होना या पैरों में झुनझुनी पड़ने के कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठना या किन्हीं कारणों से तंत्रिका पर दबाव पड़ना इसके सामान्य कारण हैं। हालांकि बार-बार होने वाली यह समस्या पेरीफेरल न्यूरोपैथी, डायबिटीज, विटामिन बी12 की कमी, थायराइड या मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी बीमारियों से जुड़ी हो सकती है। डायबिटीज में हाई ब्लड शुगर तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जिससे न्यूरोपैथी होती है।

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पैरों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
लक्षण
पैरों का सुन्न होना या पैरों में झुनझुनी पड़ने के साथ अन्य लक्षण, जैसे जलन, कमजोरी, शरीर के संतुलन में कमी, गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। डायबिटिक न्यूरोपैथी में यह लक्षण रात में बढ़ सकते हैं। अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या चलने-फिरने में परेशानी हो, तो यह तंत्रिका क्षति या रक्त संचार की समस्या का संकेत हो सकता है।

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पैरों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
निदान और जांच की प्रक्रिया
पैरों का बार-बार सुन्न होने की जांच के लिए डॉक्टर मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक परीक्षण और कुछ टेस्ट का सुझाव देते हैं। रक्त जांच से डायबिटीज, विटामिन बी12 की कमी या थायराइड की समस्या का पता लगाया जा सकता है। नर्व कंडक्शन स्टडी और इलेक्ट्रोमायोग्राफी तंत्रिका क्षति की गंभीरता को मापते हैं। एमआरआई या सीटी स्कैन से रीढ़ की हड्डी या तंत्रिका पर दबाव का कारण पता चल सकता है।
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पैरों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
बचाव और उपचार के उपाय
शरीर का कोई भी अंग सुन्न न हो या उसमें झुनझुनी न पड़े इसके लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, जिसमें संतुलित आहार लें और दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी पिएं। विटामिन बी12 युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे अंडे, दूध और मछली, खाएं। नियमित व्यायाम, जैसे योग और स्ट्रेचिंग, रक्त संचार को बेहतर बनाता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें और धूम्रपान से परहेज करें। यदि लक्षण गंभीर हों, तो समय पर चिकित्सक से परामर्श लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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