डायबिटीज के बढ़ते वैश्विक जोखिम को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। साल-दर-साल इस मेटाबॉलिक रोग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 42 करोड़ से अधिक लोग इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गड़बड़ लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित समस्याओं के कारण लोगों में इस विकार के मामले काफी तेजी से बढ़ गए हैं, यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है, जिससे बचाव करते रहना आवश्यक है। इस बीच टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम कारकों के बारे में जानने के लिए शोध कर रही विशेषज्ञों की टीम ने बड़ा दावा किया है।
जर्नल ऑफ यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज में हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि जो लोग अकेलेपन के शिकार है, उनमें अन्य लोगों की तुलना में टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य के डायबिटीज से संबंधों के बारे में जानने के लिए अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि लोनलीनेस एक गंभीर स्थिति है जिससे न सिर्फ अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम होता है साथ ही यह डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के विकसित होने का भी कारण बन सकती है। आइए इस अध्ययन के बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।