फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: हाई ब्लड प्रेशर की तरह ही खतरनाक है ब्लड प्रेशर लो होना, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके

Mon, 03 Oct 2022 12:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
रक्तचाप कम होने की समस्या - फोटो : istock
ब्लड प्रेशर आपकी धमनियों की दीवारों के खिलाफ रक्त का दबाव की स्थिति है। धमनियां आपके हृदय से रक्त को शरीर के अन्य भागों में ले जाती हैं। रक्तचाप का बढ़ना और कम होना दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए नुकसानदायक मानी जाती है। आमतौर पर हम सभी ब्लड प्रेशर बढ़ने और इसके कारण होने वाली समस्याओं के बारे में सुनते और जानते आ रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि ब्लड प्रेशर का सामान्य से कम होना भी शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ने की तरह ही इसका लो होना भी कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।

निम्न रक्तचाप को आमतौर पर सिस्टोलिक 90 मिलीमीटर (मिमी एचजी) और डायस्टोलिक 60 मिमी एचजी से कम होने की स्थिति होती है। निम्न रक्तचाप की स्थिति में अक्सर कोई ध्यान देने योग्य लक्षण नजर नहीं आता है, जबकि कुछ लोगों में इसके कारण चक्कर आने और गंभीर बेहोशी की समस्या हो सकती है। कभी-कभी निम्न रक्तचाप कोमा और शरीर के लिए अन्य प्रकार की गंभीर समस्याओं का जोखिम भी पैदा कर सकता है। आइए जानते हैं कि ब्लड प्रेशर कम क्यों होता है और इसे ठीक रखने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
गर्भावस्था में लो ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : iStock
गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले कई प्रकार के परिवर्तनों के कारण रक्त वाहिकाओं का विस्तार होता है। इस प्रकार के परिवर्तनों के कारण रक्तचाप में गिरावट आ सकती है। गर्भावस्था के पहले 24 हफ्तों में निम्न रक्तचाप की समस्या आम है। हालांकि अगर आपको अक्सर ही इस तरह की दिक्कत बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। ब्लड प्रेशर का अक्सर ही लो रहना कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है जिससे बच्चे की सेहत पर भी असर हो सकता है।
 
विज्ञापन

3 of 5
लो ब्लड प्रेशर में हृदय रोगों की समस्या - फोटो : istock
हृदय से संबंधित समस्याएं

हाई ब्लड प्रेशर की ही तरह से ब्लड प्रेशर का कम होना भी हृदय से संबंधित समस्याओं का कारण बनती है। दिल का दौरा पड़ने, हार्ट फेलियर, हार्ट वाल्व की समस्याएं और हृदय गति में कमी (ब्रैडीकार्डिया) भी निम्न रक्तचाप का कारण बन सकती है। हृदय की इस तरह की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि आपको अक्सर ही इस तरह की दिक्कतें बनी रहती हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 

4 of 5
डिहाइड्रेशन की समस्या के कारक - फोटो : Pixels
पानी की कमी या रक्तस्राव

शरीर में पानी की कमी हो जाने के कारण भी रक्तचाप में गिरावट आ सकती है। बुखार, उल्टी, गंभीर दस्त, मूत्रवर्धक दवाओं का अति प्रयोग शरीर में डिहाइड्रेशन या पानी की कमी का कारण बन सकता है। इसके अलावा चोट या आंतरिक रक्तस्राव से के कारण होने वाली बहुत अधिक रक्त की हानि की स्थिति भी ब्लड प्रेशर लो होने का कारण बन सकती है। सभी लोगों को रोजाना 3-4 लीटर पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ब्लड प्रेशर कम होना - फोटो : istock
लो-ब्लड प्रेशर से कैसे बचा जाए?
कुछ बातों का ध्यान रखकर लो ब्लड-प्रेशर की समस्या से बचाव किया जा सकता है। 
शरीर में पानी की कमी न होने पाए। भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें। 
कम कार्ब वाला भोजन करें। आहार की पौष्टिकता पर विशेष ध्यान दें।
कैफीनयुक्त पेय- कॉफी या चाय पीने का सेवन अधिक न करें, इससे डिहाइड्रेशन का खतरा होता है।
नियमित रूप से व्यायाम करें। हर दिन कम से कम 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि आपके पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने में सहायक है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें