एंग्जाइटी की समस्याएं
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एंग्जाइटी के साथ कई अन्य समस्याएं भी बढ़ रहीं
भारतीयों में एंग्जाइटी के अलावा भी कई अन्य मानसिक विकारों के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
- साल 1990 में प्रति एक लाख लोगों पर सिजोफ्रेनिया के 316 मामले थे, जो 2023 में बढ़कर 321 हो गए।
- मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर के मामले भी 1990 में हर प्रति लाखों लोगों पर 2,147 से बढ़कर 2,799.6 हो गए।
- डिस्थीमिया (लंबे समय तक रहने वाला डिप्रेशन) के मामले 1990 में हर एक लाख लोगों पर 902 से बढ़कर 2023 में 948 हो गए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड-19 के बाद एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा पर्यावरणीय स्थितियों, बदलती जीवनशैली और बढ़ती जागरूकता के कारण अब मामलों की रिपोर्टिंग बेहतर हुई है। इस वजह से भी संख्या बढ़ गई है।