इबोला इन दिनों वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। कांगो और युगांडा से बीते दिनों शुरू हुआ प्रकोप अब दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ाते जा रहा है। इसका असर ये रहा कि नई दिल्ली में 28-31 मई को आयोजित होने वाले भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन को भी स्थगित कर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पहले ही इसे 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर चुका है। इसके साथ लोगों से अपील की जा रही है कि वे इबोला संक्रमण से बचे रहने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
इबोला इन दिनों सुर्खियों में है, लिहाजा लोगों में मन में इस संक्रामक रोग को लेकर कई सारे सवाल है। क्या फिर से कोरोना जैसी महामारी का खतरा बढ़ रहा है, क्या भारत में भी लोगों को अलर्ट हो जाना चाहिए और सबसे बड़ा सवाल क्या फिर से सबके लिए मास्क लगाना जरूरी होने वाला है?
आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।