फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: BF.7 संक्रमितों में देखे जा रहे हैं ये नए लक्षण, महामारी विशेषज्ञ ने इस खतरे को लेकर चेताया

Sat, 24 Dec 2022 03:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
कोरोना संक्रमितों में लक्षण - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण ने देखते ही देखते पूरी दुनिया के लिए समस्याओं को बढ़ा दिया है। चीन में तो हालात बदतर हैं ही, जापान और अमेरिका में भी खतरा बढ़ता देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चीन सहित कई देशों में बिगड़ते हालात को देखते हुए अन्य देशों से बेहद सावधानी बरतने की अपील की है।

कोरोना संक्रमण की इस लहर के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BF.7 को प्रमुख कारक मान रहे हैं, अध्ययनों में इसकी संक्रामकता और कुछ लोगों में गंभीरता अधिक देखी गई है। इस बीच महामारी विशेषज्ञ की एक चेतावनी पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, जिसमें कहा गया है कि अगले तीन महीने पूरी दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 6
कई देशों में कोरोना ने मचाई तबाही - फोटो : istock

दुनिया की 10% आबादी हो सकती है संक्रमित


अमेरिकन पब्लिक हेल्थ साइंसेज में महामारी विशेषज्ञ एरिक फीगल-डिंग ने लोगों को अलर्ट करते हुए कोरोना को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। महामारी विज्ञानी का अनुमान है कि अगले तीन महीने में दुनिया की 10 फीसदी आबादी संक्रमित हो सकती है। इसमें लाखों लोगों की मृत्यु होने की भी आशंका है। कोरोना के इस वैरिएंट्स की संक्रामता दर को देखते हुए अध्ययनकर्ताओं ने अन्य देशों को चीन से सबक लेते हुए बचाव को लेकर सख्ती बरतने की अपील की है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

3 of 6
सर्दी-जुकाम के लक्षणों पर ध्यान दें - फोटो : istock

संक्रमितों में देखे जा रहे हैं ये लक्षण

मीडिया रिपोर्ट्स बताते हैं कि फिलहाल जिन देशों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल आया है वहां संक्रमितों में गंभीर लक्षण कम ही देखे गए हैं। ओमिक्रॉन BF.7 से संक्रमित ज्यादतर लोगों में गला खराब होने, नाक बहने या बंद नाक, छींक या बिना कफ वाली खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और आवाज में कर्कशता की समस्या देखी जा रही है।

विशेषज्ञों ने पाया है कि कुछ लोगों में इन लक्षणों के साथ लूज मोशन की भी दिक्कत हो सकती है। इनमें से 3-4 लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर जांच कराएं। 

4 of 6
कोरोना संक्रमितों में दिख रहे हैं एसिम्टोमैटिक लक्षण - फोटो : istock

ज्यादातर संक्रमित  एसिम्टोमेटिक

कोरोने के फिलहाल ज्यादातर संक्रमित एसिम्टोमेटिक हैं, यानी कि संक्रमित होने के बावजूद भी उनमें लक्षण नहीं नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञ इस तरह की स्थिति को संक्रमण बढ़ाने वाला मान रहे हैं। ऐसे लोगों के संपर्क में आने से कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर खतरा हो सकता है। फिलहाल चीन में संक्रमितों के मौत के बढ़ते मामले भी काफी चिंताकरक हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
शवों से भी संक्रमण फैलने का खतरा - फोटो : PTI
शवों से भी बढ़ सकता है संक्रमण का जोखिम

स्थानीय चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यहां मृतकों की संख्या काफी बढ़ गई है और शवघरों में भारी भीड़ देखी जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में जापान में चिबा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता हिसाको सैतोह ने चेतावनी जारी की है। वह कहते हैं, कुछ देशों में संक्रमितों की लाशों को या तो परिजन घरों में वापस ले जा रहे हैं या फिर लाशों को लावारिस छोड़ दिया जा रहा है। यह और भी खतरनाक हो सकता है। शवों में भी वायरस 15-17 दिनों तक रह सकता है जिसके संपर्क में आने के कारण लोगों के संक्रमित होने का खतरा है। लाशों का सही तरीके से अंतिम संस्कार किया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : Pixabay
सभी देशों को सतर्क हो जाने की आवश्यकता

महामारी विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया के अन्य देशों को चीन से सबक लेते हुए तत्काल प्रभाव से सुरक्षात्मक उपायों का पालन शुरू कर देना चाहिए। नए ओमिक्रॉन वैरिएंट्स की प्रकृति जिस तरह की देखी जा रही है उससे आशंका है कि इससे दुनिया की बड़ी आबादी संक्रमित हो सकती है। बचाव के उपायों का पालन करके और टीकाकरण की दर बढ़ाकर संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें