भारत में पिछले 10 दिनों से तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले डराने वाले हैं। पिछले पांच दिनों से रोजाना आठ हजार से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा रही थी। सोमवार को जहां 8084 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई, वहीं मंगलवार को केस में थोड़ी कमी दर्ज की गई, पिछले 24 घंटे में 6594 नए लोगों को संक्रमित पाया गया। संक्रमण के बढ़ते जोखिम को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को लगातार बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
एक बार फिर से बढ़ते जोखिम को देखते हुए सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, ऐसे में सभी लोगों को सतर्क रहने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मामलों पर निगरानी जारी रखने और देश में कोरोना के नए वैरिएंट्स की पहचान करने के लिए जीनोम अनुक्रमण पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मुंबई में पहली बार संक्रमितों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स BA.4 और BA.5 की पुष्टि की गई है। अध्ययनों में इन वैरिएंट्स को ओमिक्रॉन के मूल वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। आइए इससे होने वाले जोखिमों के बारे में समझते हैं।