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Covid-19 Update: महाराष्ट्र में इम्युनिटी को चकमा देने वाले वैरिएंट्स के मामले, नाखूनों में ऐसे लक्षण को लेकर विशेषज्ञों ने किया सचेत

Tue, 14 Jun 2022 06:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले - फोटो : Pixabay
भारत में पिछले 10 दिनों से तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले डराने वाले हैं। पिछले पांच दिनों से रोजाना आठ हजार से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा रही थी। सोमवार को जहां 8084 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई, वहीं मंगलवार को केस में थोड़ी कमी दर्ज की गई, पिछले 24 घंटे में 6594 नए लोगों को संक्रमित पाया गया। संक्रमण के बढ़ते जोखिम को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को लगातार बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

एक बार फिर से बढ़ते जोखिम को देखते हुए सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, ऐसे में सभी लोगों को सतर्क रहने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहने की आवश्यकता है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मामलों पर निगरानी जारी रखने और देश में कोरोना के नए वैरिएंट्स की पहचान करने के लिए जीनोम अनुक्रमण पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मुंबई में पहली बार संक्रमितों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स BA.4 और BA.5 की पुष्टि की गई है। अध्ययनों में इन वैरिएंट्स को ओमिक्रॉन के मूल वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। आइए इससे होने वाले जोखिमों के बारे में समझते हैं।
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BA.4 और BA.5 वैरिएंट्स के मामले - फोटो : Pixabay
BA.4 और BA.5 वैरिएंट्स की पुष्टि

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मुंबई स्थित कस्तूरबा हॉस्पिटल लेबोरेटरी ने राज्य में पहली बार BA.4 संस्करण के तीन और BA.5 संस्करण के एक रोगी की पुष्टि की है। इनमें से दो 11 साल की लड़कियां और दो 40-60 साल की उम्र के पुरुष हैं। ये सभी मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो गए हैं। सोमवार को, महाराष्ट्र में कुल 1,885 कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं। मई की तुलना में राज्य में एक महीने के भीतर केस में एक हजार प्रतिशत तक की वृद्धि रिपोर्ट की गई है।

BA.4 और BA.5 वैरिएंट्स वैक्सीनेशन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा दे सकते हैं।
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कोरोना संक्रमण की पहचान कैसे की जाए? - फोटो : iStock
संक्रमण की पहचान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में इसके लक्षणों को लेकर सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि नाखूनों में हो रहे कुछ बदलावों को ध्यान में रखकर भी कोरोना संक्रमण की पहचान की जा सकती है। अध्ययन में कहा गया है कि कोविड-19 के 20% रोगियों में त्वचा से संबंधित दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों में नाखूनों से संबंधित असामान्यताओं के आधार पर भी संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। 

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नाखूनों पर कोविड-19 के संकेत - फोटो : iStock
नाखूनों से कैसे पता करें संक्रमण?

अध्ययनों से पता चलता है कि कोविड-19 संक्रमण की स्थिति में नाखूनों पर चिलब्लेन जैसे संकेत देखे जा सकते हैं। इसमें नाखूनों पर सफेद रेखाएं, पैर की उंगलियों के नाखूनों में झुनझुनी-सनसनी, नाखून के रंग में परिवर्तन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के सामान्य संकेतों के साथ यदि आपको नाखूनों में कुछ अप्रत्याशित तौर पर परिवर्तन नजर आ रहा है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। 
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कोरोना संक्रमण के संकेत की पहचान - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञ कहते हैं, अध्ययन में अभी तक स्पष्ट नहीं हैं कि संक्रमण के कारण नाखूनों के रंग और बनावट में किस तरह से परिवर्तन आ जाता है, लेकिन संभवत: संक्रमण के दौरान रक्तवाहिकाओं को होने वाले नुकसान को इसके पीछे के कारण के तौर पर देखा जा सकता है। जिस तरह से देश में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है ऐसे में सभी लोगों को संक्रमण के लक्षण और बचाव के उपायों के लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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