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सावधान: रात में देर तक जागने की आदत सेहत पर डाल सकती है गंभीर असर, इन बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

Sun, 13 Mar 2022 07:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्लीप डिसऑर्डर हो सकता है नुकसानदायक - फोटो : Pixabay
जीवनशैली की कई गड़बड़ आदतों ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। नींद की समस्या भी उनमें से एक है। देर रात तक काम करते रहने, टीवी देखने, मोबाइल पर गेम खेलने जैसी आदतों के चलते हम में से ज्यादातर लोग रात में देर तक जगते रहते हैं। कई लोगों को तो रात में 1-2 बजे तक सोने की आदत बन जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपकी इस आदत को सेहत को लिए बहुत ही नुकसानदायक मानते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक देर रात तक जगने की आदत आपके स्लीप साइकल को प्रभावित कर देती है, जिससे आपकी नींद पूरी नहीं होती है। नींद की कमी को अध्ययनों में शारीरिक-मानसिक दोनों ही तरह की सेहत के लिए काफी गंभीर बताया है।

सर्कैडियन रिदम स्लीप डिसऑर्डर के कारण आपको कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण सोने में मुश्किल होना, रात में अक्सर नींद टूट जाने और नींद पूरी न हो पाने की दिक्कत हो सकती है। नींद में होने वाले व्यवधान को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि सभी लोगों को रात में सात-आठ घंटे की निर्बाध नींद लेने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं देर तक जागने और नींद न पूरी होने का शरीर पर किस तरह से असर हो सकता है?
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नींद की कमी हो सकती है हानिकारक - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों का बढ़ जाता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो देर रात तक जागते रहने और नींद की अपर्याप्तता का सीधा असर आपके हृदय की सेहत पर हो सकता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार रात में 5 घंटे से कम और 9 घंटे से अधिक सोने, दोनों का हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से, नींद की कमी से कोरोनरी हार्ट डिजीज या स्ट्रोक की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है। समय से सोना और समय से जागना दोनों बेहतर सेहत के लिए आवश्यक है।
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नींद की कमी के कारण मानसिक समस्याएं - फोटो : Pixabay
दिमाग की क्षमता पर असर
रात में नींद पूरी न होने का असर आपके मानसिक स्वास्थ्य और दिमाग की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। एक्सपेरिमेंटल ब्रेन रिसर्च द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में 18 पुरुषों के एक समूह को दो टास्क दिए गए। पहला टास्क रात में अच्छी नींद के बाद करना था जबकि दूसरे टास्क से पहले रात भर जागने को कहा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि मात्र एक रात नींद पूरी न हो पाने के कारण प्रतिभागियों की स्मृति, निर्णय लेने और तर्क करने की क्षमता पर असर देखने को मिला। नींद की लगातार कमी बने रहना आपके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक असर भी डाल सकती है।
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नींद की कमी के दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay
यौन इच्छा हो जाती है कम
पर्याप्त नींद न लेने से आपकी सेक्स ड्राइव कम हो सकती है। एक अध्ययन में एक सप्ताह तक नींद पूरी न कर पाने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी देखी गई। 5 या उससे कम घंटे की नींद सेक्स हार्मोन के स्तर को 10 से 15 प्रतिशत तक कम कर देती है। हर रात नींद की कमी आपके मूड और जोश में लगातार गिरावट का कारण बन सकती है। यही कारण है कि सभी लोगों को समय पर सोने पर नींद पूरी करने की सलाह दी जाती है।  


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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