मौजूदा समय में मोटापा तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। मोटापा या अधिक वजन वाले लोगों में डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी अधिक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि साल 1975 के बाद से दुनियाभर में मोटापे का आंकड़ा लगभग तीन गुना हो गया है। साल 2016 में करीब 1.9 बिलियन (करीब 190 करोड़) लोग अधिक वजन की समस्या के शिकार थे, उनमें से करीब 39 फीसदी लोगों की आयु 18 साल से कम थी।
बढ़ते वजन के खतरे को देखते हुए हाल ही में हार्वर्ड द्वारा किए गए एक अध्ययन में मोटापे के लिए सामान्य जीवन की कुछ आदतों को जिम्मेदार बताया गया है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि हमारे सोने के समय और अवधि का सेहत पर विशेष असर पड़ता है, इसमें किसी भी प्रकार की समस्या मोटापे का कारण बन सकती है। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।