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हार्वर्ड अध्ययन: यह एक आदत मोटापे के जोखिम को कर देती है दोगुना, ज्यादातर लोग करते हैं ऐसी गलती

Tue, 23 Nov 2021 05:46 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोटापे की समस्या - फोटो : iStock
मौजूदा समय में मोटापा तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। मोटापा या अधिक वजन वाले लोगों में डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी अधिक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि साल 1975 के बाद से दुनियाभर में मोटापे का आंकड़ा लगभग तीन गुना हो गया है। साल 2016 में करीब 1.9 बिलियन (करीब 190 करोड़) लोग अधिक वजन की समस्या के शिकार थे, उनमें से करीब 39 फीसदी लोगों की आयु 18 साल से कम थी।

बढ़ते वजन के खतरे को देखते हुए हाल ही में हार्वर्ड द्वारा किए गए एक अध्ययन में मोटापे के लिए सामान्य जीवन की कुछ आदतों को जिम्मेदार बताया गया है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि हमारे सोने के समय और अवधि का सेहत पर विशेष असर पड़ता है, इसमें किसी भी प्रकार की समस्या मोटापे का कारण बन सकती है। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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अधिक वजन की समस्या है खतरनाक - फोटो : iStock
देर से सोना है नुकसानदायक
हार्वर्ड हेल्थ न्यूज़लेटर के संपादक हेइडी गॉडमैन ने बढ़ते मोटापे और इससे सेहत को होने वाले खतरों के बारे में आगाह किया है। मध्यम आयु वर्ग वाले लोगों पर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि देर से सोने की आदत मोटापे और पेट बढ़ने के जोखिम को कई गुना तक बढ़ा सकती है। जामा नेटवर्क में प्रकाशित इस अध्ययन में 26 देशों के अलग-अलग आय स्तरों के लगभग 137,000 लोगों पर अध्ययन करके परिणाम प्राप्त किए गए।
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देर से सोना है बहुत नुकसानदायक - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों से उनके सोने के समय और अवधि के बारे में पूछा गया। इसमें से 14 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे आधी रात के बाद या रात में देर से सोते हैं। अध्ययनकर्ता बताते हैं, रात 8 बजे से 10 बजे के बीच सोना बेहतर माना जाता है, इससे बाद में सोने से मोटापे (30 या उससे अधिक का बॉडी मास इंडेक्स) और पेट बढ़ने का जोखिम 20 प्रतिशत अधिक हो सकता है। इसके अलावा जो लोग दोपहर में सोते हैं उनमें मोटापे का जोखिम और भी अधिक पाया गया। 

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देर से सोने के नुकसान - फोटो : iStock
सही समय पर सोना और उठना है जरूरी
हार्वर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि सेहत को स्वस्थ बनाए रखने और मोटापे के खतरे से बचने के लिए रात में 8 बजे से पहले सो जाना सबसे बेहतर माना जाता है। शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि सोने में देरी करने से आपकी सर्कैडियन लय (सोने-जागने का चक्र) खराब हो सकती है, जो तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाती है। यह दीर्घकालिक तौर पर मोटापे के जोखिम को भी बढ़ावा दे सकती है। रात में जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। 
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सोने और मोटापे का संबंध - फोटो : iStock
अध्ययन का निष्कर्ष
अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ता बताते हैं, रात में आठ घंटे की नींद पूरी करना सभी के लिए आवश्यक है। सभी लोगों को वह उपाय करते रहने चाहिए जो नींद को सही रखने में मदद कर सकते हैं। तनाव या चिंता, दर्द,अस्थमा, कुछ दवाएं, कैफीन (आमतौर पर कॉफी, चाय और सोडा से), शराब या अनुपचारित नींद विकार जैसे स्लीप एपनिया या अनिद्रा के कारण नींद की दिक्कत हो सकती है, इससे दूर करने के प्रयास करते रहने चाहिए। 


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स्रोत और संदर्भ
Timing and Length of Nocturnal Sleep and Daytime Napping and Associations With Obesity Types in High-, Middle-, and Low-Income Countries

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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