मस्तिष्क की समस्याएं
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अल्जाइमर-डिमेंशिया का जोखिम
नींद की कमी के कारण इस प्रकार का जोखिम क्यों अधिक होता है, इसको लेकर विशेषज्ञों ने बताया कि नींद की गुणवत्ता या इसकी अवधि में कमी मस्तिष्क में मौजूद विषाक्त प्रोटीन को साफ करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है जिसके कारण अल्जाइमर रोग का जोखिम बढ़ जाता है। इससे बीटा-अमाइलॉइड प्रोटीन का निर्माण होने लगता है, जिसे अल्जाइमर रोग से जुड़ा हुआ पाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद सिर्फ अल्जाइमर रोग का खतरा ही नहीं बढ़ाती है, शरीर को और भी कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है।