फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैठे हुए चटकाते हैं हाथों की उगंलियां तो हो जाएं अलर्ट, मंडरा रहा है इस बीमारी का खतरा

Thu, 07 Feb 2019 03:26 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
knuckle
उंगलियां चटकाने की आदत हर किसी को होती है। हाथ के दर्द व थकान को दूर करने के लिए काम के बीच-बीच में उंगलियां चटकाते रहते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी ये आदत आपको बीमार कर सकती है। कई बीमारियों की रोगी बना सकती है। क्योंकि डॉक्टरों का मानना है कि हाथ या पैर की उंगलियां चटकाने से हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है। आइए जानते हैं आपकी यह आदत आपको किस तरह की बीमारियों का रोगी बना सकते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
knuckle
एक रिपोर्ट के मुताबिक हड्डियां आपस में लिंगामेंट से जुड़ी होती हैं। बार-बार उंगलियां चटकाने से उनकी बीच होने वाला लिक्विड कम होने लगता है। अगर ये लिक्विड पूरा खत्म हो जाए तो गठिया का रोग हो सकता है। इसके अलावा अगर किसी को अर्थराइटिस की समस्या है तो उन्हें बिल्कुल भी उंगलियां नहीं चटकानी चाहिए। 
विज्ञापन

3 of 5
knuckle
कुछ स्टडीज बताते हैं कि उंगलियां चटकाने से हाथ में चोट आ सकती है। इससे सॉफ्ट टिश्यूज में सूजन आ सकती है। एक स्टडी में बताया गया था कि काफी लंबे समय से उंगलियां चटकाने का बुरा असर पड़ सकता है। 

4 of 5
knuckle
जब एक बार हम उंगलियां चटका कर ये बुलबुले फोड़ देते हैं तब इसे दोबारा बनने में 15 से 30 मिनट लगते हैं। इसलिए जब हम दोबारा उंगलियां चटकाने की कोशिश करते हैं तब इनमें से आवाज़ नहीं आती। यदि आप बार-बार ऐसा करते हैं तो यह आपकी जोड़ों को कमज़ोर बना सकता है। ऐसा करने से जोड़ कमजोर हो जाएंगे और द्रव में गैस घुल नहीं पाएगी और इससे आपको गठिया रोग की शिकायत हो जायेगी। इसलिए यदि आपको भी उंगलियां चटकाने की आदत है तो जल्द से जल्द इस आदत को छोड़ने की कोशिश करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
knuckle
उंगलियों के जोड़ और घुटने और कोहनी के जोड़ों में एक खास लिक्विड होता है। जो हड्डियों को जोड़ने का काम करता है। इसका नाम होता है Synovial fluid ये लिक्विड हमारी हड्डियों के जोड़ों में ग्रीस का काम करता है। साथ ही हड्डियों को एक-दूसरे से रगड़ खाने से रोकता है। उस लिक्विड में मौजूद गैस जैसे कार्बनडाई ऑक्साइड नई जगह बनाती है। इससे वहां बुलबुवे बन जाते हैं। अब जब हम हड्डी चटकाते हैं तो वहीं बुलबुले फूट जाते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें