फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Blood Fat Causes: डायबिटीज और मोटापे से परेशान लोगों में ब्लड फैट का खतरा, जानें इससे होने वाली समस्याएं

Tue, 10 May 2022 06:37 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
डायबिटीज व मोटापे के रोगियों में गंभीर समस्याएं - फोटो : iStock
विज्ञापन

Know Risk Of Blood Fat For Diabetes Patients: अगर आपको डायबिटीज है या आप मोटापे से ग्रसित हैं तो कई अन्य गंभीर शारीरिक समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है। गलत लाइफस्टाइल और पौष्टिक आहार की कमी के कारण देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डायबिटीज मरीजों को खानपान पर विशेष ध्यान रखना होता है। लेकिन एक अध्ययन के मुताबिक पता चला है कि टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के मरीजों में ब्लड फैट बढ़ सकता है, जिसके कारण उन्हें गंभीर शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। इस बारे में ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन किया है। अध्ययन के परिणामों के मुताबिक, शरीर में मौजूद रक्त में फैट का स्तर बढ़ने के कारण मसल्स की कोशिकाओं की संरचना बदल सकती है। जिससे शरीर के सेल फंक्शन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। अध्ययन में सलाह दी गई कि डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित मरीजों को अपने ब्लड फैट के स्तर की निगरानी करनी चाहिए और इसे नियंत्रण में रखने का प्रयास करना चाहिए ताकि ब्लड फैट के कारण शरीर को गंभीर नुकसान न हो। चलिए जानते हैं ब्लड फैट के बारे में और डायबिटीज व मोटापे से पीड़ित मरीजों पर हुए इस अध्ययन के बारे में।

विज्ञापन


ब्लड फैट बढ़ने से नुकसान


विशेषज्ञों के मुताबिक, डायबिटीज दो तरह की होती है, पहली टाइप 1 डायबिटीज और दूसरी टाइप 2 डायबिटीज। जो टाइप 2 डायबिटीज के मरीज होते हैं, उनमें ब्लड फैट का स्तर बढ़ने पर उनके शरीर को गंभीर नुकसान होने लगता है। ब्लड फैट को ट्राइग्लिसराइड्स कहा जाता है। ब्लड में मौजूद फैट बढ़ने से शरीर में मौजूद सिग्नल सेल्स नष्ट हो जाते हैं और मरीज की स्थिति खराब होने लगती है। इसके साथ ही मसल्स सेल्स पर दबाव बढ़ने लगता है, जिससे कोशिकाओं की स्थिति में भी बदलाव होने लगता है। ऐसे में मरीजों के कामकाज और रोजमर्रा के जीवन पर भी असर पड़ता है।

मोटे लोगों में भी ब्लड फैट की समस्या

विज्ञापन

ब्लड फैट से होने वाली बीमारियां गंभीर - फोटो : iStock
डायबिटीज मरीजों के अलावा मोटापे की बीमारी से पीड़ित मरीजों में भी ब्लड फैट बढ़ने से कई समस्याएं हो सकती हैं। ब्लड फैट बढ़ने से टिश्यूज को नुकसान हो सकता है और शरीर के अंदरूनी अंग प्रभावित होते हैं। मोटे लोगों में ब्लड फैट बढ़ने से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।

ब्लड फैट कम करने के उपाय

डायबिटीज और मोटापे के मरीजों में ब्लड फैट बढ़ना खतरनाक माना जाता है। ऐसे में ब्लड फैट को नियंत्रित करना जरूरी है। इसके लिए नियमित हेल्दी डाइट लेनी चाहिए और सेहत के लिए अच्छी जीवनशैली को अपनाना चाहिए। शरीर में सामान्य ट्राइग्लिसराइड्स स्तर 150 एमजी/डीएल कम होना चाहिए। ब्लड फैट बढ़ने की वजह डायबिटीज और गलत खानपान होता है। ऐसे मरीजों को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। ब्लड फैट को बढ़ने से रोकने या कम करने के लिए चीनी का सेवन कम करना चाहिए। साथ ही शराब और धूम्रपान करने से बचना चाहिए।
---------------------
 
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें