बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहै हैं। उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचने के बाद भी वो बेहद फिट और हिट नजर आते हैं। अगर आप भी अपने इस फेवरेट सितारे की तरह फिट एंड फाइन बने रहना चाहते हैं तो उनके फिटनेस, टाइम और फ्यूचर मैनेजमेंट से लीजिए ये खास टिप्स।
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Akshay Kumar
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार का कहना है कि वह सिक्स पैक या ऐट पैक के हिमायती नहीं हैं। वह शरीर को प्राकृतिक तरीके से हृष्ट-पुष्ट बनाए रखने में यकीन रखते हैं।बॉलीवुड में ऐब्स के चलन के बारे में पूछे जाने पर अक्षय ने कहा, "ऐब्स बनाने में बहुत वक्त लगता है। ऐब्स टहलते-टहलते नहीं बन जाते।"
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Akshay Kumar
ये हैं उनके फिटनेस टिप्स
वे तीन दशक से वर्कआउट कर रहे हैं, मगर उनके सिक्स या 8 पैक एब्स नहीं हैं। वह इसलिए कि उन्होंने बॉडी बनाने का शॉर्टकट अख्तियार नहीं किया। वे प्रोटीन शेक और इनहैंसर नहीं लेते। सरल शब्दों में कहें तो बॉडी बनाने के लिए कोई भी अमेरिकी उत्पाद नहीं। वे सिर्फ दूध, सब्जियां, शलगम और ब्राउन राइस खाकर शरीर बनाने की कोशिश करते हैं। शाम में सात बजे के बाद खाना नहीं खाते। प्रोसेस्ड फूड से बचते हैं। वे जमीन में उगाई गई कोई भी चीज खा सकते हैं। लेट नाइट पार्टी, शराब और स्मोकिंग को तो वे अपनी जिंदगी से दूर ही रखते हैं। वे बस वही खाते हैं, जो उनकी मां उन्हें देती है। वे मानते हैं, वजन उठाना उतना ठीक नहीं है। उन्हें लगता है कि खुद का वजन उठाना एक ज्यादा बेहतर तरीका है। वे चिन अप्स, झूलना, कूदना, पेड़ों पर चढ़ना जैसी चीजों में यकीन करते हैं।
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Akshay And Twinkle
साल में चार-पांच फिल्में कर भी छुट्टी मनाते हैं
वे अपनी किसी भी फिल्म की शूटिंग में डेढ़ महीने से ज्यादा का वक्त नहीं लगाते। अक्सरहां उनकी फिल्में 25 से 28 दिनों में पूरी हो जाती है। इस साल आई एयरलिफ्ट को बस 45 दिन लगे थे। इस तरह वे साल में चार-पांच फिल्मों का कोटा पूरा कर भी दो -ढाई महीने छुट्टी के निकाल लेते हैं। उसका इस्तेमाल वे अपने परिवार और बच्चों को देते हैं। पिछले वीक जॉली एलएलबी2 का लखनऊ का शेड्यूल एक हफ्ते का था, मगर अक्की ने अपना हिस्सा महज छह दिनों में पूरा कर दिया। यह सब कर पाने के पीछे उनकी जल्दी सोने व जल्दी जागने की पॉलिसी है। वे रात 9-9.30 तक सो जाते हैं और सुबह चार बजे से अपने रोजर्मरा के काम शुरू कर देते हैं। वे अक्सर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर को सुबह 5 से 6 बजे ही कहानी की नैरेशन पर बुला लेते हैं ।
एक दौर था, जब सफल आगाज के बावजूद अक्षय कुमार की 14 फिल्में लगातार फ्लॉप हुई थीं। उसके बावजूद आज वे इंडस्ट्री के सफलतम नामों में से एक हैं। उस मोड़ से वापस आने के चलते वे पैसे की कीमत बखूबी समझते हैं। लिहाजा कल को जब फिल्मों में हीरो वाले रोल मिलने कम होंगे, तब की प्लानिंग उन्होंने आज में ही कर ली है। एक तो हरिओम भाटिया के नाम से उनकी खुद की प्रोडक्शन कंपनी है, जो लगातार फिल्में बना रही हैं। अश्विनी यार्डी उनके टेली शो का विंग भी संभालती हैं। बाकी निर्माता-निर्देशकों के साथ वे या तो भारी भरकम फीस चार्ज करते हैं या नहीं तो प्रॉफिट शेयरिंग। एयरलिफ्ट के डायरेक्टर राजा कृष्ण मेनन इसे सरल शब्दों में समझाते हैं।
राजा कहते हैं, एयरलिफ्ट हमने महज 28 करोड़ में बना ली थी। यह तब मुमकिन हुआ, जब अक्षय ने अपनी फीस नहीं ली थी। उन्होंने प्रॉफिट शेयर किया। मतलब मुनाफे में आधा-आधा। फिल्म रिलीज के 129 करोड़ तक कमाई कर गई। समझ सकते हैं कि उन्होंने कितना कमाया। ऐसे मामलों में होता यह है कि फिल्म सितारों से लैस होकर आसानी से बन भी जाती है और निर्माता पर जोखिम भी कम रहता है। इनके अलावा विकी ओबेरॉय के साथ वे रियल एस्टेट में जमकर निवेश कर ते हैं। सौभाग्य से वे सब सही साबित हुए। नतीजतन अक्षय की पांचों ऊंगलियां घी में हैं। उसकी खुशी ही उनके चमकते-दमकते चेहरे का राज है।