अक्सर घरों में आपने अभिभावकों को बच्चों को दूध से भरा गिलास पिलाने के लिए जद्दोजहद करते हुए देखा होगा। दूध के नाम पर बच्चों को नाक एवं भौंह सिकोड़ते हुए भी देखा होगा। ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर उठा होगा कि क्या बिना दूध पिलाए बच्चों का शारीरिक विकास रुक जाता है? दूध प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स है। इसमें कैल्शियम और विटामिन डी के अलावा भी दूसरी पौष्टिक चीजें होती हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा दूध आपके बच्चे को नुकसान भी पहुंचा सकता है। एक्सपर्ट की मानें तो अधिक दूध पीने से बच्चों में मोटापा बढ़ सकता है और वे एनीमिया के शिकार भी हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना की आहर एवं पौषण विशेषज्ञ एमी लानौ कहती हैं कि स्तनपान की आदत छूटने के बाद कई बच्चे दूध पीना पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में जरूरी नहीं है कि उनमें पौषण तत्वों की कमी हो जाए। आइए जानते हैं कि ज्यादा दूध किस तरह से आपके बच्चे के स्वास्थ को प्रभावित कर सकता है।