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Kidney Health: किडनी फेलियर के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं दिनचर्या की ये आदतें, आज से ही बना लें दूरी

Fri, 09 Jan 2026 05:08 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • Kidney Failure Risk: किडनी फेलियर एक बेहद गंभीर समस्या है, जिससे हमारे देश की एक बड़ी आबादी परेशान है।
  • किडनी खराब होने के पीछे कई कारण होते हैं, इनमें से एक बड़ा कारण दिनचर्या की खराब आदतें होती हैं।
  • आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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किडनी फेलियर - फोटो : Amar Ujala
Bad Habits Kidney Damage: मानव शरीर में किडनी एक ऐसी फिल्टर मशीन है, जो चौबीसों घंटे बिना रुके हमारे खून को साफ करती है और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है। मगर क्या आप जानते हैं कि आपकी रोजमर्रा की कुछ 'मामूली' आदतें इस महत्वपूर्ण अंग को धीरे-धीरे मौत के करीब धकेल रही हैं?

आज के समय में किडनी फेलियर के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, वह डराने वाला है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि किडनी की बीमारी को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण तब तक खुलकर सामने नहीं आते जब तक कि किडनी 70-80 प्रतिशत तक डैमेज न हो जाए।

अत्यधिक नमक, कम पानी और बिना सोचे-समझे पेनकिलर्स का सेवन आपके गुर्दों की कार्यक्षमता को खोखला कर रहा है। अगर समय रहते इन आदतों से दूरी नहीं बनाई गई, तो डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी नौबत आना तय है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि इसी के बारे में कुछ जरूरी सवालों के जवाब जानते हैं।
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किडनी फेलियर - फोटो : Adobe Stock
क्या होते हैं किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण?
किडनी खराब होने की स्थिति में शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं-
  • शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने के कारण पैरों, टखनों और आंखों के नीचे सूजन दिखने लगती है।
  • पेशाब का रंग गहरा होना, झाग आना या बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना।
  • खून में गंदगी बढ़ने से हीमोग्लोबिन कम होता है, जिससे एनीमिया और कमजोरी महसूस होती है।
  • टॉक्सिन्स का लेवल बढ़ने से नींद न आना और जी मिचलाने जैसी समस्याएं होती हैं।
 

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किडनी फेलियर होने के पीछे का कारण - फोटो : Freepik.com
कौन सी गलतियां किडनी का जोखिम बढ़ाती हैं?
हमारी आधुनिक जीवनशैली की ये आदतें किडनी की दुश्मन बन गई हैं-
  • सिरदर्द या बदन दर्द के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के ली गई दवाएं सीधे किडनी की नसों को सड़ाती हैं। 
  • ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और चीनी डायबिटीज, ये दोनों ही किडनी फेलियर के टॉप कारण हैं।
  • पर्याप्त पानी न पीने से किडनी की सफाई नहीं हो पाती और स्टोन का खतरा बढ़ता है।
  • ये दोनों ही खून प्रवाह को बाधित कर किडनी को स्थायी रूप से अक्षम बना देते हैं।
 
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किडनी फेलियर - फोटो : Freepik.com
भविष्य में इसके क्या परिणाम होंगे?
अगर इन आदतों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाला समय स्वास्थ्य के नजरिए से बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है-
  • डायलिसिस और ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया मध्यमवर्गीय परिवारों को कर्ज के जाल में फंसा सकती है।
  • किडनी खराब होने पर व्यक्ति को आजीवन सख्त परहेज और मशीनों के सहारे जीना पड़ता है।
  • किडनी फेलियर से हृदय रोग और हड्डियों की कमजोरी का जोखिम कई गुना बढ़ जाएगा।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाएगी, जिससे छोटी बीमारियां भी जानलेवा बनेंगी।
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डॉक्टर - फोटो : adobe stock images
सतर्कता ही बचाव है
किडनी शरीर का वह जरूरी अंग है जिसके बिना जीवन की कल्पना असंभव है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य कोई संयोग नहीं, बल्कि हमारी आदतों का परिणाम है। इसलिए आज से ही पर्याप्त पानी पीने, व्यायाम करने और अनावश्यक दवाओं से बचने का संकल्प लें। अगर कोई भी शुरुआती लक्षण दिखता पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें । यह लेख केवल जानकारी नहीं, बल्कि आपके परिवार और आपके भविष्य के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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