फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kidney Health Tips: किडनी फेल होने पर पैर में दर्द होने के साथ शरीर में दिखते हैं ये लक्षण, न करें नजरअंदाज

Mon, 04 Aug 2025 04:54 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एक स्टडी के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति को किडनी से जुड़ी बीमारी होने का खतरा बना रहता है। किडनी का फेल होना एक बेहद गंभीर और जानलेवा समस्या है।
  • यह अक्सर शुरुआती लक्षणों के नजरअंदाज होने के कारण और भी विकराल रूप ले लेती है। इसलिए आइए इस लेख में किडनी फेल होने के कुछ प्रमुख लक्षणों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 6
किडनी - फोटो : Freepik.com
Kidney Failure Symptoms: हमारे शरीर में किडनी सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी को हिंदी में गुर्दे कहा जाता है और शरीर में इसका काम एक फिल्टर की तरह होता है। ये खून से टॉक्सिन्स को छानकर बाहर निकालते हैं, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं और हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले हार्मोन बनाते हैं। लेकिन जब गुर्दे अपनी क्षमता खो देते हैं, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे गुर्दे की विफलता जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है।

यह एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर थकान या कमजोरी जैसी सामान्य बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं। इसी वजह से लोग इसे एक सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसी लापरवाही के कारण स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसलिए, शरीर में दिखने वाले हर छोटे-से-छोटे बदलाव पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। किडनी फेल होने का सबसे आम लक्षण है पैरों में दर्द होना, जिसके बारे में बहुत से लोगों को मालूम है। लेकिन पैर में दर्द होने के साथ किडनी फेल होने के और भी कई लक्षण होते हैं, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
किडनी - फोटो : Adobe stock
पैरों में दर्द होने के कारण
गुर्दे की विफलता का एक प्रमुख लक्षण पैर और टखनों में सूजन है, जिसके साथ दर्द भी हो सकता है। जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते, तो वे अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाते। इससे यह तरल शरीर के निचले हिस्सों, खासकर पैरों और टखनों में, जमा हो जाता है, जिससे सूजन आ जाती है। यह सूजन दर्द और भारीपन का एहसास करा सकती है।

ये भी पढ़ें- Alert: नींद की कमी शरीर को बना देती है बीमारियों का घर, 170 से अधिक रोगों का हो सकता है खतरा
विज्ञापन

3 of 6
कमजोरी - फोटो : Freepik.com
लगातार थकान और कमजोरी
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना भी एक गंभीर संकेत है। खराब गुर्दे पर्याप्त मात्रा में एरीथ्रोपोइटिन नामक हार्मोन नहीं बना पाते, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी से शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया हो जाती है। एनीमिया के कारण शरीर के ऊतकों और मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ और कमजोर महसूस करता है, भले ही उसने आराम किया हो।

ये भी पढ़ें- Health Tips: क्यों जरूरी है डिजिटल डिटॉक्स? जानें इसके चार जबरदस्त फायदे

4 of 6
किडनी - फोटो : Freepik.com
त्वचा में खुजली और बदलाव
शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमा होने से त्वचा में खुजली और बदलाव भी देखने को मिलते हैं। जब गुर्दे खून को फिल्टर नहीं कर पाते, तो ये अपशिष्ट पदार्थ खून में ही रह जाते हैं और त्वचा के नीचे जमा होने लगते हैं। इसके कारण पूरे शरीर में लगातार और असहनीय खुजली हो सकती है। कई बार त्वचा रूखी हो जाती है या उसका रंग पीला या भूरा-सा दिखने लगता है, जो गुर्दे की खराबी का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन

5 of 6
किडनी - फोटो : Adobe stock
पेशाब की आदतों में बदलाव
पेशाब की आदतों में बदलाव भी एक स्पष्ट चेतावनी संकेत है। इसमें रात में बार-बार पेशाब आना, पेशाब की मात्रा में कमी या वृद्धि, या पेशाब में झाग आना (जो प्रोटीन की उपस्थिति का संकेत है) शामिल है। कुछ मामलों में पेशाब का रंग गहरा हो सकता है या उसमें खून भी आ सकता है। इन बदलावों का मतलब है कि गुर्दे अपना सामान्य फिल्टरिंग कार्य ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock
सांस लेने में तकलीफ
गुर्दे की विफलता का एक और गंभीर लक्षण सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना है। जब गुर्दे अतिरिक्त तरल को बाहर नहीं निकाल पाते, तो यह तरल फेफड़ों के चारों ओर जमा होने लगता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, एनीमिया के कारण भी शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे थोड़ी सी भी शारीरिक गतिविधि करने पर सांस फूलने लगती है। इन लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगर किसी को ये लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

स्रोत और संदर्भ
Chronic kidney disease
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें