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Kidney Disease: अधिक एक्सरसाइज से डिहाइड्रेशन तक, किडनी के लिए बुरी हैं ये पांच चीजें

Sun, 12 Mar 2023 10:55 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी खराब करने वाली आदतें - फोटो : pixabay
Health Tips For Kidney: 'ज्यादा नमक मत खाओ बीमार बना देगा'। यह बात अब तक आप कई लोगों से सुन चुके होंगे। बात बिल्कुल सही भी है। नमक को इसलिए ही 'सफेद जहर' के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि इसका मतलब ये कतई नहीं कि आप नमक खाना ही छोड़ दें। क्योंकि नमक की कुछ मात्रा शरीर के लिए बहुत जरूरी होती है। लेकिन लगातार ज्यादा मात्रा में नमक खाने से दिक्कत हो सकती है। खासकर किडनी को। किडनी इस अतिरिक्त नमक के दबाव को झेल नहीं पातीं। केवल नमक ही नहीं, ऐसी और भी कई स्थितियां हैं जो किडनियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि इन चीजों और स्थितियों के बारे में आप जानते भी हैं लेकिन इनपर ज्यादा विचार नहीं करते, जैसे- पेन किलर्स और डिहाइड्रेशन। इनके जैसी कई और चीजें हैं जो धीरे धीरे आपकी किडनी पर बुरा असर डालते हुए उन्हें बिल्कुल डैमेज कर डालती हैं। जानिए किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में और कीजिए इन पर नियंत्रण का प्रयास। 
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किडनी खराब करने वाली आदतें - फोटो : pixabay
डिहाइड्रेशन से किडनी पर बुरा असर 

डिहाइड्रेशन की स्थिति को भले ही लोग बहुत गम्भीरता से न लेते हों, लेकिन असल में ध्यान न देने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। शरीर में पानी की कमी दस्त, उल्टी और पसीने जैसे कई कारणों से हो सकती है। इसके अलावा डायबिटीज जैसी स्थिति पर नियंत्रण न रहने से भी पेशाब के साथ पानी की ज्यादा मात्रा शरीर से बाहर निकल सकती है। पानी शरीर के भीतर से गंदगी को बाहर निकालने में किडनी की बहुत मदद करता है। पानी ब्लड वेसल्स यानी रक्त वाहिकाओं को खुला रखने में भी मदद करता है, जिससे खून सभी पौष्टिक तत्वों के साथ किडनी तक पहुंच सकता है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में इस कार्य में रुकावट आती है और गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति में किडनी के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी हो सकती है। इतना ही नहीं डिहाइड्रेशन, पथरी और यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की स्थिति भी बना सकता है। 
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किडनी खराब करने वाली आदतें - फोटो : पिक्साबे
दर्द निवारक या पेन किलर 

सिरदर्द या किसी तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए अक्सर लोग पेनकिलर दवाएं खा लेते हैं। दर्द निवारक लेने के पहले शायद आपने कभी इस बारे में सोचा नहीं होगा लेकिन असल में इनका अनियंत्रित सेवन भी किडनी को मुश्किल में डाल सकता है। शोध बताते हैं कि क्रॉनिक किडनी फेलियर के कई केसेस के पीछे पेनकिलर का ओवरडोज कारण होता है। इसलिए पेन किलर के अधिक इस्तेमाल से बचें। पेनकिलर के अलावा ड्रग्स (नशीली दवाएं) का उपयोग भी किडनी को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। 

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किडनी खराब करने वाली आदतें - फोटो : istock
कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन

कोल्डड्रिंक्स को कई लोग पानी की तरह भी उपयोग में ले आते हैं। खासकर नौजवानों के लिए यह आदत बन जाता है। शोध की मानें तो प्रतिदिन 2 या इससे अधिक कोल्डड्रिंक (केन्स/बॉटल) पीने वालों में क्रॉनिक किडनी डिसीज की आशंका बढ़ जाती है। यह आशंका डाइट सोडा पीने पर भी बढ़ सकती है। इसका असर नमक और शकर के अधिक सेवन के समान ही बुरा हो सकता है। 
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किडनी खराब करने वाली आदतें - फोटो : Pixabay
ज्यादा व्यायाम करना 

जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी किडनियों के लिए तकलीफदायक हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि एक्सरसाइज, रीनल हीमोडायनामिक्स और इलेक्ट्रोलाइट व प्रोटीन के उत्सर्जन को प्रभावित करती है। सीधे शब्दों में कहें तो इससे किडनियों के काम काज पर असर पड़ता है। व्यायाम से यूरीन, पसीना और शरीर की हार्मोनल गतिविधियों आदि सभी पर असर पड़ता है। ऐसे में किडनियों पर भी बोझ बढ़ता है। इसलिए जरूरी है कि एक्सरसाइज नियंत्रित भी रहे और संतुलित भी। जो लोग पेशेवर एथलीट या स्पोर्ट्स से जुड़े होते हैं वे विशेषज्ञों की देखभाल में एक्सरसाइज करते हैं और उसके साथ अपनी डाइट और हाइड्रेशन पर भी पूरा कंट्रोल रखते हैं। 
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किडनी खराब करने वाली आदतें - फोटो : pixabay
उक्त चीजों और स्थितियों के अलावा अधिक नमक का सेवन, सिगरेट और अल्कोहल का निरंतर प्रयोग, एसिडिटी के लिए ली जाने वाली दवाएं, सामान्य संक्रमण, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का अनियंत्रित होना, पथरी जैसी समस्याएं आदि भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि नियंत्रण के साथ ही नियमित चैकअप को लेकर भी सतर्कता रखी जाए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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