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डॉक्टर्स ने चेताया: ऐसे लक्षणों को इग्नोर करना किडनी कैंसर का बढ़ा देता है खतरा, लापरवाही पड़ सकती है भारी

Fri, 16 Jun 2023 02:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी की समस्याएं - फोटो : istock
कैंसर दुनियाभर में होने वाली मृत्य के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल तमाम प्रकार के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। डॉक्टर्स कहते हैं,  कैंसर के अधिक खतरनाक और जानलेवा होने का एक प्रमुख कारण इसका समय पर पता न चल पाना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ज्यादातर कैंसर के मामलों का निदान ही तब हो पाता है जब कैंसर थर्ड स्टेज में पहुंच जाता है, जहां से इसको बढ़ने से रोकना और रोगी की जान बचाना कठिन हो जाता है।

किडनी में कैंसर होने एक बड़ा जोखिम है, डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो रोग को गंभीर रूप लेने से बचाया जा सकता है। किडनी में कैंसर के ज्यादातर लक्षण बहुत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लग जाते हैं।

आइए जानते हैं इसकी पहचान कैसे की जा सकती है?
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किडनी की बीमारी - फोटो : istock
किडनी कैंसर के बारे में जानिए

किडनी कैंसर, रीनल सेल कार्सिनोमा किडनी कैंसर का सबसे आम प्रकार है। यह कैंसर किडनी में छोटी ट्यूबों के अस्तर में शुरू होता है। छोटे बच्चों में किडनी कैंसर के एक प्रकार- विल्म्स ट्यूमर होने का जोखिम अधिक देखा जाता है। डॉक्टर कहते हैं, हम सभी आसानी से शरीर में होने वाली कुछ समस्याओं के आधार पर किडनी में कैंसर की समस्या का पता लगा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि लक्षणों की सही और समय रहते पहचान की जाए।
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किडनी में कैंसर के लक्षणों की करें पहचान - फोटो : iStock
किडनी कैंसर में क्या होते हैं लक्षण?

अध्ययनकर्ता बताते हैं, किडनी में कैंसर के शुरुआती चरण में आमतौर पर कोई संकेत या लक्षण नहीं होते हैं। समय के साथ यह विकसित हो सकते हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी दो से तीन तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो इसे बिल्कुल भी अनदेखा न करें, समय रहते डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेना बहुत आवश्यक हो जाता है। 
  • पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या कोला रंग दिखाई देना।
  • भूख में कमी
  • अस्पष्टीकृत रूप से वजन घटने की समस्या।
  • थकान-बुखार।
  • टखनों और पैरों में सूजन।
  • बार-बार बुखार आने की समस्या।

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पेशाब के रंग में बदलाव - फोटो : iStock
पेशाब के रंग में बदलाव पर दें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि यदि आपके पेशाब के रंग में बदलाव नजर आ रहा है तो इसपर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। आपके मूत्र में रक्त (हेमट्यूरिया) आने की समस्या किडनी में कैंसर का संकेत हो सकती है। इसके अलावा कुछ कैंसर रोगियों में पेशाब का रंग गहरे भूरे या कोला जैसे रंग को भी हो सकता है। पेशाब में बदलाव की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। 
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पीठ में दर्द होने के कारण - फोटो : Pixabay
पीठ के निचले हिस्से में दर्द

एक या दोनों किडनी में अगर ट्यूमर है जिसका आकार बढ़ गया है, यह पीठ दर्द का कारण बन सकता है। पीठ के निचले हिस्से में और पसलियों के ठीक नीचे या बगल में दर्द महसूस हो रहा है तो इसे भी किडनी के कैंसर का एक संकेत माना जा सकता है। हालांकि जरूरी नहीं है कि हर दर्द सीधे तौर पर किडनी के कैंसर से ही जुड़ा हो इसलिए समस्या के सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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