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Health Tips: दुनियाभर में क्यों तेजी से लोकप्रिय हो रही है डैश डाइट? फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

Sun, 15 Feb 2026 08:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डैश यानी 'डायट्री अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन', मतलब ऐसा आहार जो रक्तचाप की बढ़ती समस्या के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है। आइए इससे होने वाले फायदों को जान लेते हैं।
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हार्ट हेल्थ ठीक रखने वाला डाइट - फोटो : Freepik.com
अध्ययनों में लगातार इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि सभी लोगों को आहार की पौष्टिकता पर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। हम जिस तरह की चीजें खाते हैं वह सीधे हमारे शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि दुनियाभर में पिछले कुछ वर्षों में डैश डाइट का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि यह डाइट प्लान आपको कई गंभीर रोगों से बचाने, शरीर को फिट रखने और मोटापे के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है। 

डैश यानी 'डायट्री अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन', मतलब ऐसा आहार जो रक्तचाप की बढ़ती समस्या के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर आज के समय की सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, इसके कारण हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि डैश डाइट का पालन करके हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने के साथ वजन को कंट्रोल रखने में भी मदद मिल सकती है।
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डैश डाइट क्यों माना जाता है फायदेमंद - फोटो : Adobe Stock
डैश डाइट क्या है?

डैश डाइट में उन चीजों को शामिल किया जाता है जिनमें सोडियम की मात्रा कम होती है। इसके साथ इसमें फलों-सब्जियों, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद और लीन प्रोटीन को अधिक शामिल किया जाता है। इस तरह की चीजें उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करने के साथ स्वस्थ वजन को बनाए रखने में भी सहायक होती हैं।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि शाकाहारी और प्लांट बेस्ड आहार का पालन करने वाले लोगों में उच्च रक्तचाप का जोखिम बहुत कम था, इसी थ्योरी को ध्यान में रखकर डैश डाइट प्लान बनाया गया।
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
डैश डाइट प्लान में क्या खाएं- क्या नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमेशा डॉक्टरी सलाह पर ही किसी डाइट प्लान का पालन करें, जरूरी नहीं है कि सभी लोगों के लिए इसके एक जैसे लाभ हों। अपनी सेहत की जरूरतों के हिसाब से ही डाइट प्लान का चयन करें।
 
  • डैश डाइट प्लान में वह सब्जियां खाएं जिनमें स्टार्च की मात्रा कम होती है।
  • इसके अलावा लो फैट डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज, लीन मीट, पोल्ट्री, बीन्स, सोया वाले खाद्य पदार्थ, फलियां, दालें और अंडों का सेवन कर सकते हैं।
  • हृदय-स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए ऑलिव, कनोला या एवोकाडो ऑयल का सेवन करने की सलाह दी जाती है। 
  • इस डाइट प्लान में  मिठाई और मीठे पेय, सैचुरेटेड फैट वाली चीजें, फुल फैट डेयरी उत्पाद, अधिक फैट वाले भोजन को कम करने की सलाह दी जाती है।
  • शराब और धूम्रपान से बिल्कुल परहेज करने की सलाह दी जाती है।
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हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं? - फोटो : Freepik.com
डैश डाइट से ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल

रक्तचाप आपके रक्त वाहिकाओं को कमजोर कर सकता है। आहार में सोडियम की मात्रा अधिक होने के कारण इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है। डैश डाइट प्लान में सोडियम वाली चीजों जैसे नमक की मात्रा को काफी कंट्रोल किया जाता है, साथ ही फलों-सब्जियों का अधिक सेवन करके ब्लड प्रेशर को कम करने का प्रयास होता है। हृदय रोगियों के लिए यह डाइट प्लान काफी फायदेमंद हो सकता है। 

इन फायदों को भी जानिए

रक्तचाप को कम करने के अलावा डैश डाइट प्लान का पालन करना आपकी सेहत के लिए और भी कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। डीएएसएच आहार के व्यापक अध्ययन से पचा चलता है कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इस आहार योजना का पालन करने से कई रोगों में मदद मिल सकती है।
  • हृदय रोग, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है।
  • टाइप-2 डायबिटीज को रोकने या नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार होता है।
  • किडनी-पित्त के थैली की पथरी का जोखिम कम होता है।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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