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Health Risk: हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण होती हैं सबसे ज्यादा मौतें, बचाव के लिए ये काम सबसे जरूरी

Mon, 20 Jan 2025 06:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हार्ट अटैक हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनता है। हार्ट अटैक की ही तरह से स्ट्रोक के बढ़ते मामले भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण रहे हैं। आइए जानते हैं कि इससे कैसे बचाव किया जा सकता है?
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock
हृदय रोग और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बनी हुई हैं। हार्ट अटैक हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनता है। 30 से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इसके कारण होने वाली मौत का खतरा बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक हृदय रोग दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से हैं। इसके साथ-साथ स्ट्रोक के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक हो या स्ट्रोक वैश्विक स्तर पर बढ़ती ये दोनों समस्याएं युवाओं को तेजी से अपना शिकार बना रही हैं। इन दोनों ही समस्याओं के लिए हाई ब्लड प्रेशर को प्रमुख कारक माना जाता है। भविष्य में आपको ये गंभीर समस्या न हो, आप इससे सुरक्षित रह सकें इसके लिए सबसे जरूरी है ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना। 

कहीं आप भी हाई ब्लड प्रेशर का शिकार तो नहीं हैं?
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हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक और इससे मौत के मामले

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि अमेरिका में हर साल लगभग 8.05 लाख से अधिक लोगों को दिल का दौरा पड़ता है। साल 2021 में 20 मिलियम से अधिक लोगों की हार्ट अटैक के कारण मौत हुई। साल-दर साल ये आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। हार्ट अटैक की ही तरह से स्ट्रोक के बढ़ते मामले भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण रहे हैं। डेटा बताते हैं कि हर साल स्ट्रोक के कारण 60 लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है। ये समस्या वैश्विक रूप से विकलांगता के लिए भी प्रमुख कारण है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर लिया जाए तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिमों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
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हाई ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर बढ़ना क्यों इतना खतरनाक है?

हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को कई मामलों में आपके लिए खतरनाक माना जाता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो समय के साथ ये हृदय को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों को नुकसान पहुंचाकर दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकती है। धमनियों को होने वाली क्षति हृदय में रक्त के प्रवाह को कम देती है जिसके कारण आपको हार्ट अटैक हो सकता है।

हाइपरटेंशन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर तथा रक्त के थक्के बनने के जोखिम को बढ़ाकर स्ट्रोक का कारण बन सकता है। ये मस्तिष्क की वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचाने लगती है जिससे ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।

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रक्तचाप नियंत्रण करना जरूरी - फोटो : अमर उजाला
ब्लड प्रेशर को रखें कंट्रोल

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को नियमित अंतराल पर ब्लड प्रेशर की जांच करते रहना चाहिए। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को हाई बीपी की समस्या रही हो उन्हें और भी सावधान रहना चाहिए। लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखकर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखा जा सकता है। नमक वाली चीजों का अधिक सेवन करना ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाला माना जाता है, अपने आहार में नमक की मात्रा कम कर लें।
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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए ये उपाय करें

कुछ आसान से उपायों का पालन करके आप ब्लड प्रेशर बढ़ने से रोक सकते हैं। 
  • पौष्टिक आहार जैसे बहुत सारे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • आहार में नमक (सोडियम) की मात्रा कम करें। पैक्ड फूड्स, चिप्स, नमकीन में नमक की अधिकता होती है। 
  • ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं जिनमें पोटैशियम की मात्रा अधिक हो। ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में सहायक मानी जाती हैं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करना आपके दिल और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में सहायक है।


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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