हृदय रोगों के खतरे को कैसे कम करें?
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सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन
- बहुत ज्यादा कैफीन या अन्य उत्तेजक पदार्थ, प्री-वर्कआउट पाउडर का इस्तेमाल और स्टेरॉयड्स का दिल और नसों पर बहुत नकारात्मक असर होता है। कई लोग शरीर को फिट रखने के लिए लंबे समय तक सप्लीमेंट्स लेते रहते हैं, इससे भी दिल की सेहत को खतरा हो सकता है।
अचानक बहुत ज्यादा मेहनत करना
- लंबे समय तक आराम के बाद अचानक भारी वजन उठाना या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट दिल पर अचानक और बहुत ज्यादा दबाव डालता है। पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में दिल पर अधिक दबाव की स्थिति हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
नींद की कमी और मानसिक दबाव
- एथलीट और क्रिकेटरों में लगातार प्रदर्शन का दबाव भी शरीर पर गहरा असर डालता है। क्रॉनिक स्ट्रेस दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। इसके अलावा खेल के चक्कर में शरीर को पर्याप्त आराम और नींद न मिल पाने से शरीर में सूजन, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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