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Kanwar Yatra 2026: पैरों में छाले और दर्द से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय, यात्रा होगी आसान

Thu, 30 Jul 2026 10:07 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kanwar Yatra 2026: आज से सावन का महीना शुरू हो गया है। ऐसे में शिवभक्तों ने भी कांवड़ यात्रा पर जाने की तैयारी शुरू कर ली है। अगर आपका भी कुछ ऐसा ही प्लान कर रहे हैं तो पहले अपने पैरों को पैदल चलने के लिए तैयार करें। यहां हम आपको उसके लिए ही टिप्स देंगे।
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : AI
Kanwar Yatra 2026: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा 2026 की भी शुरुआत हो गई हैं। लाखों शिवभक्त लंबी दूरी पैदल तय करके पवित्र गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में कई दिनों तक लगातार पैदल चलना पैरों पर सबसे ज्यादा दबाव डालता है। 

यदि यात्रा से पहले पैरों को सही तरीके से तैयार नहीं किया जाए, तो छाले, सूजन, एड़ी में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और थकान जैसी समस्याएं सफर को मुश्किल बना सकती हैं। इसलिए कांवड़ यात्रा पर निकलने से कुछ दिन पहले पैरों की फिटनेस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। 

अगर आप भी इस साल कांवड़ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने पैरों को लंबी पदयात्रा के लिए तैयार करें ताकि पूरी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी कर सकें।
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : Freepik.com

पैरों की स्ट्रेचिंग करें

अगर आपको अगले हफ्ते यात्रा पर जाना है तो अभी से कांवड़ यात्रा से पहले रोज सुबह और शाम 5-10 मिनट तक पैरों की स्ट्रेचिंग करने की आदत डालें। एंकल रोटेशन, टो स्ट्रेच और काफ स्ट्रेच जैसे आसान व्यायाम पैरों की मांसपेशियों को लचीला बनाते हैं और लंबे समय तक चलने के दौरान दर्द व अकड़न की संभावना कम करते हैं। स्ट्रेचिंग करने से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे पैरों में थकान कम महसूस होती है।

 
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : Adobe stock
 पैरों की त्वचा का रखें ध्यान

लंबी पदयात्रा से पहले पैरों की त्वचा का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। अगर एड़ियां फटी हुई हैं या त्वचा रूखी है, तो नियमित रूप से मॉइस्चराइजर या फुट क्रीम लगाएं। पैरों के नाखून छोटे और साफ रखें, क्योंकि बड़े नाखून चलते समय दर्द या चोट का कारण बन सकते हैं। साफ और मुलायम त्वचा होने से छालों का खतरा भी कम रहता है।

 

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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : AI
 छालों से बचाव करें

कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे आम समस्या पैरों में छाले पड़ना है। इससे बचने के लिए ऐसे मोजे पहनें जो पसीना सोख लें और पैरों को सूखा रखें। यदि पहले भी लंबे सफर में छाले पड़े हैं, तो एंटी-ब्लिस्टर टेप या फुट पैड का इस्तेमाल कर सकते हैं। यात्रा के दौरान अगर मोजे गीले हो जाएं, तो उन्हें तुरंत बदल लें।

 
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : Adobe stock
 पैरों की मालिश करें

दिनभर चलने के बाद पैरों को आराम देना भी जरूरी है। रात में हल्के गुनगुने सरसों, नारियल या तिल के तेल से 10-15 मिनट तक पैरों की मालिश करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, मांसपेशियों का तनाव कम होता है और अगले दिन चलने के लिए पैरों को नई ऊर्जा मिलती है।

 
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : AI
 शरीर को रखें हाइड्रेट

लंबी दूरी तक पैदल चलने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें और जरूरत पड़ने पर ओआरएस, नींबू पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक का सेवन करें। पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखने से मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।

 
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : Freepik.com
जरूरत का सामान साथ रखें

यात्रा के दौरान किसी भी छोटी समस्या से निपटने के लिए जरूरी सामान पहले से तैयार रखें। फर्स्ट एड किट, बैंडेज, एंटीसेप्टिक क्रीम, दर्द निवारक स्प्रे, कॉटन, अतिरिक्त मोजे और आरामदायक फुटवियर अपने बैग में जरूर रखें। ये छोटी-छोटी चीजें जरूरत पड़ने पर बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं।
 
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कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले पैरों को करें तैयार - फोटो : Adobe Stock

 शरीर की सुनें

अगर चलते समय पैरों में तेज दर्द, सूजन, छाले या चोट महसूस हो, तो जबरदस्ती आगे बढ़ने की बजाय कुछ देर आराम करें। दर्द को नजरअंदाज करने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। समय-समय पर आराम करने से शरीर को रिकवर होने का मौका मिलता है और यात्रा भी सुरक्षित रहती है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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