मीठे पेय पदार्थों से होने वाला जोखिम
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मीठे पेय पदार्थों से डायबिटीज होने का जोखिम
ऑस्ट्रेलिया स्थित मोनाश यूनिवर्सिटी सहित कैंसर काउंसिल विक्टोरिया के शोधकर्ताओं ने लगभग 14 वर्षों तक 36,000 से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई लोगों पर ये अध्ययन किया। इसमें वयस्कों की खाने-पीने की आदतों का विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों ने पाया कि कृत्रिम रूप से मीठे पेय पदार्थों से होने वाला जोखिम सामान्य शर्करा युक्त पेयों से भी अधिक है, जिनसे डायबिटीज का खतरा 23% अधिक पाया गया।
मीठे पेय पदार्थों और डायबिटीज के बीच संबंध को आमतौर पर मोटापे से जोड़कर देखा जाता है। इस अध्ययन में पाया गया है कि भले ही आप वजन को कंट्रोल कर लेते हैं, फिर भी अगर कृत्रिम रूप से मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते रहते हैं तो इससे डायबिटीज होने का खतरा अधिक हो सकता है। इसका मेटाबॉलिज्म पर सीधा असर होता है जिससे डायबिटीज और अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।