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Diabetes: रोज की ये छोटी सी गलती 38% तक बढ़ा देती है डायबिटीज होने का खतरा, हो जाइए सावधान

Sun, 03 Aug 2025 07:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • बच्चे हों या बुजुर्ग सभी उम्र के लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी को इस रोग का प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
  • ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने बताया है कि हर दिन अगर आप सिर्फ एक कैन डाइट सोडा भी पीते हैं तो इससे भी डायबिटीज होने का खतरा 38% तक बढ़ सकता है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज का खतरा सभी उम्र के लोगों में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। बच्चे हों या बुजुर्ग सभी इसका शिकार हो रहे हैं। लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी को इस रोग का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को मधुमेह की समस्या रही है, ऐसे लोगों में डायबिटीज होने का जोखिम और भी बढ़ जाता है। इसको लेकर कम उम्र से ही सावधानी बरतते रहना जरूरी है।

हम जो कुछ भी खाते हैं उन सबका सीधा असर ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करने वाला हो सकता है, यही कारण है कि डायबिटीज से बचे रहने के लिए आहार पर ध्यान देना सबसे जरूरी हो जाता है।

इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने बताया है कि हर दिन अगर आप सिर्फ एक केन डाइट सोडा भी पीते हैं तो इससे भी डायबिटीज होने का खतरा 38% तक बढ़ सकता है। कृत्रिम रूप से मीठे शीतल पेय को सेहत के लिए बहुत खतरनाक पाया गया है।
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मीठे पेय पदार्थों से होने वाला जोखिम - फोटो : Freepik.com
मीठे पेय पदार्थों से डायबिटीज होने का जोखिम

ऑस्ट्रेलिया स्थित मोनाश यूनिवर्सिटी सहित कैंसर काउंसिल विक्टोरिया के शोधकर्ताओं ने लगभग 14 वर्षों तक 36,000 से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई लोगों पर ये अध्ययन किया। इसमें वयस्कों की खाने-पीने की आदतों का विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों ने पाया कि  कृत्रिम रूप से मीठे पेय पदार्थों से होने वाला जोखिम सामान्य शर्करा युक्त पेयों से भी अधिक है, जिनसे डायबिटीज का खतरा 23% अधिक पाया गया। 

मीठे पेय पदार्थों और डायबिटीज के बीच संबंध को आमतौर पर मोटापे से जोड़कर देखा जाता है। इस अध्ययन में पाया गया है कि भले ही आप वजन को कंट्रोल कर लेते हैं, फिर भी अगर कृत्रिम रूप से मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते रहते हैं तो इससे डायबिटीज होने का खतरा अधिक हो सकता है। इसका मेटाबॉलिज्म पर सीधा असर होता है जिससे डायबिटीज और अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
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सोडा है सेहत के लिए नुकसानदायक - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन की रिपोर्ट में शोध की वरिष्ठ लेखिका प्रोफेसर डी. कोर्टेन ने कहा कि यह निष्कर्ष उस आम धारणा को चुनौती देते हैं कि कृत्रिम मीठे पेय, चीनी वाले पेयों की तुलना में सुरक्षित होते हैं। अध्ययन में यह भी देखा गया कि मीठे पेय का सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर हो सकता है। इस शोध में 40- 69 वर्ष की आयु के प्रतिभागियों के आहार, शिक्षा, स्वास्थ्य इतिहास को ध्यान में रखकर विश्लेषण हुआ है।
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डायबिटीज को कैसे करें कंट्रोल? - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज से बचाव जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज के खतरे से बचे रहने के लिए आप कम उम्र से ही कुछ आदतों को अपनाकर लाभ पा सकते हैं। विशेषज्ञों की टीम ने डायबिटीज से बचाव के लिए एक अध्ययन में 10-10-10 रूल बताया है जिससे आप इस रोग के खतरे को कम कर सकते हैं।

इसमें न तो भारी एक्सरसाइज की जरूरत होती है, न ही किसी विशेष आहार की। बस दिनचर्या में मामूली बदलाव करके आप अपनी शुगर को कंट्रोल में रख सकते हैं। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें


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स्रोत
The association of sweetened beverage intake with risk of type 2 diabetes in an Australian population: A longitudinal study


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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