फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: क्या सच में चुकंदर खाने से खून बढ़ता है? जानें क्या कहते हैं शोध और विशेषज्ञ

Wed, 30 Jul 2025 05:36 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चुकंदर को लेकर हमारे समाज में कई सारी भ्रांतियां है, जिसे बहुत से लोग सच मानते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि क्या चुकंदर सच में आयरन से भरपूर होता है, साथ ही ये भी जानेंगे कि चुकंदर खाने का सही तरीका क्या है और किन लोगों चुकंदर से परहेज करना चाहिए।
विज्ञापन
1 of 5
चुकंदर - फोटो : Freepik.com
Does Beetroot Increase Blood: अगर आप स्वस्थ रहने के लिए चुकंदर का जूस या कच्चा चुकंदर खाते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे समाज में यह एक आम धारणा है कि चुकंदर खाने से शरीर को प्रचुर मात्रा में आयरन मिलता है और खून की मात्रा तेजी से बढ़ती है। इसी विश्वास के चलते कई लोग एनीमिया या खून की कमी को दूर करने के लिए इसे अपनी डाइट का अहम हिस्सा बना लेते हैं। 

हालांकि विशेषज्ञ इस मान्यता पर कुछ अलग ही राय रखते हैं, जिसके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। यह समझना आवश्यक है कि क्या चुकंदर सचमुच शरीर में खून की मात्रा बढ़ाता है, साथ ही ये भी जानना जरूरी है कि चुकंदर खाने का सही तरीका क्या है? आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
सांकेतिक तस्वीर (Doctor) - फोटो : freepik
क्यों नहीं खाना चाहिए कच्चा चुकंदर या जूस?
यह सच है कि चुकंदर पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन पोषण विशेषज्ञ भावेश गुप्ता के अनुसार, इसे कच्चा या बिना ठीक से धोए खाना जोखिम भरा हो सकता है। चूंकि यह जमीन के अंदर उगता है, इसकी सतह पर हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट्स हो सकते हैं, जिससे डायरिया या फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है, और गर्भवती महिलाओं में तो मिसकैरेज का भी डर होता है।

इसके अलावा, कच्चे चुकंदर में भारी धातुएं और कीटनाशक भी हो सकते हैं जो शरीर में महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसमें मौजूद ऑक्सालेट कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालता है। इसलिए चुकंदर को हमेशा अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 5
क्या चुकंदर से आयरन मिलता है? - फोटो : Freepik.com
क्या चुकंदर से आयरन मिलता है?
कई लोगों को लगता है कि चुकंदर खाने से शरीर को बहुत सारा आयरन मिलता है और ये उनका खून बढ़ा सकता है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 100 ग्राम चुकंदर में 1 मिलीग्राम से भी कम, यानी सिर्फ 0.8 मिलीग्राम आयरन मिलता है। यह मात्रा बहुत कम है, खासकर अगर आप इसे आयरन के एक प्रमुख स्रोत के रूप में देख रहे हैं। इसकी तुलना में पालक जैसे अन्य हरे पत्तेदार सब्जियों में आयरन की मात्रा कहीं ज्यादा होती है।

उदाहरण के लिए 100 ग्राम पालक में लगभग 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है, जो चुकंदर की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। इसका मतलब है कि सिर्फ चुकंदर पर निर्भर रहने से एनीमिया जैसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

ये भी पढ़ें- Diabetes tips: चीनी के अलावा डायबिटीज मरीजों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए ये चीजें, वरना बढ़ सकता है शुगर लेवल
 

4 of 5
किडनी - फोटो : Freepik.com
किन लोगों को नहीं खाना चाहिए कच्चा चुकंदर?
कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को चुकंदर खाने से परहेज करना चाहिए। किडनी स्टोन के मरीजों को ऑक्सालेट की अधिक मात्रा के कारण इससे पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि यह पथरी बनने का खतरा बढ़ा सकता है। लो ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को भी चुकंदर से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद नाइट्रेट्स रक्तचाप को और कम कर सकते हैं, जिससे चक्कर या बेहोशी आ सकती है। इसके अलावा पाचन सेंसिटिव लोगों को भी चुकंदर से परहेज करना चाहिए क्योंकि इससे पेट फूलना या दस्त जैसी समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं।

ये भी पढ़ें- Health Tips: स्ट्रेस और एंग्जायटी से पाना चाहते हैं छुटकारा? दिनचर्या में करें ये तीन आसान बदलाव, मिलेगा फायदा
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
क्या चुकंदर खाना छोड़ दें? - फोटो : freepik.com
क्या चुकंदर खाना छोड़ दें?
अब बहुत से लोगों के दिमाग में ये सवाल आ रहा होगा कि क्या सच में चुकंदर खाना छोड़ देना चाहिए? उपर्युक्त खतरों और आयरन की कम मात्रा का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपको चुकंदर खाना पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए। चुकंदर में फाइबर, विटामिन सी, फोलेट और नाइट्रेट्स जैसे कई अन्य फायदेमंद पोषक तत्व भी होते हैं। ऐसे में इसे खाने के लिए सबसे पहले, चुकंदर के ऊपरी परत को अच्छे से साफ करें। इसके चुकंदर को उबालकर या पकाकर डाइट में शामिल करें। पकाने से हानिकारक बैक्टीरिया और पेस्टिसाइड्स का प्रभाव कम होता है और यह पचाने में भी आसान हो जाता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें