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सेहत की बात: यह न्यूट्रिएंट कम हुआ तो बिगड़ सकता है शरीर में ऑक्सीजन का संचार, कैसे करें इसकी पहचान?

Tue, 20 Oct 2026 09:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी है, जो खून के जरिए ऑक्सीजन को शरीर के ऊतकों तक पहुंचाता है। इसकी कमी से एनीमिया, थकान, चक्कर और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संतुलित आहार, समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह से उपचार लेने से आयरन की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है।
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शरीर में ऑक्सीजन की कमी - फोटो : Amarujala.com/AI
हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं को सही तरीके से काम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। फेफड़े सांस के जरिए ऑक्सीजन शरीर में पहुंचाते हैं, वहां से खून में मौजूद लाल रक्त कोशिकाएं इसे शरीर के अलग-अलग अंगों तक ले जाती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में आयरन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है इसी की मदद से ऑक्सीजन शरीर के ऊतकों तक पहुंचाता है। अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए, तो हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। आयरन की कमी के कारण आपको थकान, कमजोरी, चक्कर आने और सांस फूलने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। 

मसलन शरीर में अगर आयरन की कमी हो जाए तो इससे ऑक्सीजन के संचार पर असर हो सकता है।
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फेफड़ों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
ऑक्सीजन की कमी बढ़ने का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के सभी मामलों के पीछे आयरन की कमी जिम्मेदार नहीं होती। फेफड़ों की बीमारी, हृदय की समस्या, एनीमिया जैसी स्थितियां भी ऑक्सीजन का स्तर कम होने (हाइपोक्सिमिया) का कारण हो सकते हैं। पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी स्थितियों में भी फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून का थक्का जम जाता है, जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन का संचार बाधित हो सकता है।
 
  • क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के कारण भी ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित हो सकता है।
  • अस्थमा के अटैक के दौरान वायुमार्ग सिकुड़ जाते हैं, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है।
  • निमोनिया या लंग्स इन्फेक्शन के कारणऑक्सीजन ठीक से खून में नहीं घुल पाती।
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock
हृदय की समस्याओं में ऑक्सीजन की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हार्ट की कई समस्याओं के कारण भी कुछ लोगों में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। हार्ट फेलियर या कंजस्टिव हार्ट फेलियर के कारण दिल पूरे शरीर या फेफड़ों में पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता तो इसके कारण ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है।
 
  • जिन लोगों को जन्मजात हृदय रोग होता है, इसके कारण भी रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित हो सकता है।

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आयरन की कमी से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
आयरन की कमी को समझिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ऑक्सीजन की कमी का एक बड़ा कारण शरीर में आयरन का स्तर कम होना है। समय रहते इसके लक्षणों पर ध्यान देना और इलाज करना जरूरी है।
  • आयरन की कमी के कारण थकान और कमजोरी हो सकती है। शरीर की कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने पर थकान महसूस हो सकती है।
  • आपको सांस फूलने की दिक्कत हो सकती है। चलने, सीढ़ियां चढ़ने या व्यायाम करने पर परेशानी और हो सकती है।
  • आयरन की कमी के कारण चक्कर आने और सिरदर्द की भी समस्या हो सकती है।
  • इसके अलावा कुछ लोगों में त्वचा के पीला पड़ने की समस्या हो सकती है।हीमोग्लोबिन कम होने पर त्वचा सामान्य से पीली लग सकती है।
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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
आयरन और ऑक्सीजन की कमी क्यों होती है?

आयरन की कमी का सबसे प्रमुख कारण आयरन युक्त भोजन न करना है। इसके अलावा अधिक मासिक रक्तस्राव, गर्भावस्था के दौरान खून की बढ़ी जरूरत और आयरन का ठीक से अवशोषण न होने के कारण भी आयरन और ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। 

अगर आपको ये दिक्कतें हो रही है और आयरन की कमी का संदेह है तो डॉक्टर की सलाह पर सीबीसी जांच कराएं। बिना जांच आयरन की गोलियां शुरू नहीं करनी चाहिए क्योंकि हर तरह का एनीमिया आयरन की कमी से नहीं होता। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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