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Iron Foods: एनीमिया रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं ये चार चीजें, आज से ही डाइट में करें शामिल

Tue, 29 Jul 2025 10:52 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

What to Eat in Anemia: शरीर में खून की कमी होना वैसे तो एक सामान्य परेशानी है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये बहुत गंभीर हो सकता है। जो लोग एनीमिया का शिकार होते हैं, उन्हें अपनी डाइट में आयरन रिच फूड को शामिल करना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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खून - फोटो : Freepik.com
Iron Foods: एनीमिया जिसे आम भाषा में खून की कमी भी कहते हैं, एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जहां शरीर में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पातीं। ये कोशिकाएं पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का काम करती हैं, और इनकी कमी से अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। भारत में यह समस्या, खासकर महिलाओं और बच्चों में बेहद आम है। एनीमिया के सामान्य लक्षणों में लगातार थकान, कमजोरी, सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना और चक्कर आना शामिल हैं। इन लक्षणों को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। 

आयरन एक ऐसा महत्वपूर्ण खनिज है जो हीमोग्लोबिन को बनाने के अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में शरीर में आयरन की कमी होने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन सही आहार और पर्याप्त आयरन का सेवन एनीमिया से लड़ने मदद कर सकता है। आइए इस लेख में ऐसी चार चीजों के बारे में जानते हैं, जिन्हें एनीमिया के मरीज अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
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पालक - फोटो : Freepik.com
पालक
पालक आयरन के सबसे अच्छे और आसानी से उपलब्ध होने वाले स्रोतों में से एक है। यह विशेष रूप से नॉन-हीम आयरन (पौधों से मिलने वाला आयरन) से भरपूर होता है। पालक न केवल हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि इसमें विटामिन सी भी होता है, जो शरीर में आयरन के अवशोषण को कई गुना बढ़ा देता है। इसके अलावा, यह विटामिन K, विटामिन A और फोलेट से भी भरपूर होता है, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

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अरहर और मसूर का मिक्स दाल - फोटो : Adobe Stock
दालें और फलियां
दालें और फलियां भारतीय आहार का एक मुख्य हिस्सा हैं और आयरन का बेहतरीन स्रोत भी है, खासकर शाकाहारी लोगों के लिए। मसूर दाल, चना दाल, राजमा, छोले और लोबिया जैसी फलियां न केवल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती हैं, बल्कि ये नॉन-हीम आयरन का भी महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन में सुधार करता है और अन्य पोषक तत्वों का अवशोषण को बढ़ाता है।

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गुड़ और चने – मिठास और ऊर्जा का संचार - फोटो : freepik.com
गुड़
गुड़ पारंपरिक रूप से चीनी का एक प्रचलित विकल्प है और यह आयरन का भी एक अच्छा स्रोत है, खासकर उन लोगों के लिए जो एनीमिया से जूझ रहे हैं। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और थकान व कमजोरी से लड़ने में मदद करता है। सफेद चीनी की तुलना में गुड़ में खनिज जैसे आयरन और मैग्नीशियम अधिक होते हैं, जो रक्त स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।
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ड्राई फ्रूट्स - फोटो : Freepik.com
ड्राई फ्रूट्स
ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) भी आयरन का एक बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत होते हैं, जो एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। किशमिश, खजूर, अंजीर और खुबानी जैसे सूखे मेवे न सिर्फ आयरन से भरपूर होते हैं, बल्कि इनमें कॉपर और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भी पाए जाते हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और हीमोग्लोबिन के लेवल को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन आयरन-युक्त ड्राई फ्रूट्स को अपनी दैनिक डाइट में
शामिल करके आप प्राकृतिक रूप से एनर्जी के लेवल को बढ़ा सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर (Doctor) - फोटो : freepik
सावधानियां
एनीमिया के रोगियों के लिए इन आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में बेहतर तरीके से सोखने के लिए इसे विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों (जैसे नींबू, संतरा, आंवला) के साथ खाना चाहिए। साथ ही, आयरन युक्त भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, गंभीर एनीमिया की स्थिति में हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना और उनकी निगरानी में ही उपचार या सप्लीमेंट्स लेना चाहिए।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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