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Iron Deficiency: ब्लड टेस्ट में आई है आयरन की कमी? कहीं चाय-कॉफी तो नहीं है इसकी वजह

Sat, 18 Jul 2026 07:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयरन की कमी के पीछे केवल एक वजह नहीं होती। कई बार भोजन में आयरन की कमी, महिलाओं में अत्यधिक मासिक धर्म, गर्भावस्था, पेट या आंतों से खून का रिसाव, कुछ बीमारियां या शरीर में आयरन का सही तरीके से अवशोषित न हो पाना इसके कारण बनते हैं।
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एनीमिया की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
आयरन की कमी यानी एनीमिया भारतीय महिलाओं में देखी जाने वाली सबसे आम और गंभीर समस्याओं में से एक है। आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि देश में करीब 57% महिलाओं और लड़कियां आयरन की कमी का शिकार हैं। ये स्थित थकान-कमजोरी से लेकर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। महिलाओं के अलावा बड़ी संख्या में पुरुषों में भी एनीमिया की दिक्कत देखी जा रही है।

आयरन एक ऐसा खनिज है जो हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी होता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन है जिसकी मदद से शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचता है। जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो हीमोग्लोबिन का निर्माण कम होने लगता है।

खान-पान की गड़बड़ी को आयरन की कमी का सबसे आम कारण माना जाता रहा है। पर क्या आप जानते हैं कि आपकी रोज की एक आदत भी इस खतरे को बढ़ा सकती है?
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आयरन की कमी के खतरे - फोटो : Freepik.com
एनीमिया का बढ़ता खतरा

डॉक्टर कहते हैं,  भोजन में आयरन वाली चीजों की कमी, महिलाओं में अत्यधिक मासिक धर्म, गर्भावस्था, कुछ बीमारियां या शरीर में आयरन का सही तरीके से अवशोषित न हो पाने से एनीमिया का खतरा रहता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा चाय और कॉफी पीने से भी शरीर में आयरन की कमी होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
 
  • चाय में मौजूद टैनिन और कॉफी में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल्स भोजन से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं।
  • इसका मतलब यह नहीं कि चाय या कॉफी पीना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। बस इसका संयमित और सही तरीके से सेवन जरूरी है।
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चाय पीने से एनीमिया का खतरा? - फोटो : Freepik.com
चाय और कॉफी का सेहत पर असर

ज्यादा चाय और कॉफी को सेहत के लिए कई तरह से नुकसानदायक पाया गया है। इससे एनीमिया का खतरा भी हो सकता है। 
 
  • चाय और कॉफी  भोजन से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन के अवशोषण को कम कर सकती हैं। 
  • चाय में मौजूद टैनिन और कॉफी में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल्स, आयरन के साथ बाइंड होकर उसे शरीर में  ठीक तरीके से अवशोषित नहीं होने देते। 
  • यदि आप हर भोजन के साथ या तुरंत बाद चाय-कॉफी पीते हैं, तो समय के साथ आयरन का स्तर प्रभावित हो सकता है। 
  • यह प्रभाव विशेष रूप से शाकाहारी लोगों में अधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उनके भोजन में मुख्य रूप से नॉन-हीम आयरन ही होता है। 
  • नॉन-हीम आयरन पौधों और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला आयरन का मुख्य प्रकार है। 

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चाय-कॉफी पीने से क्या होता है? - फोटो : Freepik.com
तो क्या चाय-कॉफी छोड़ देनी चाहिए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चाय-कॉफी छोड़ने की जरूरत नहीं है, बस इसे सही तरीके और सही समय पर पीना चाहिए।
 
  • भोजन के तुरंत बाद या साथ में चाय और कॉफी पीने से बचना चाहिए। इससे भोजन में मौजूद आयरन को शरीर द्वारा अवशोषित होने का पर्याप्त समय मिल जाता है। 
  • अगर पहले से ही आपमें आयरन की कमी है या आयरन सप्लीमेंट ले रहे हैं तो आयरन की गोली के साथ भी चाय-कॉफी नहीं पीनी चाहिए। 
  • इसके बजाय आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन सी वाले खाद्य पदार्थ जरूर शामिल करें। इससे आयरन का अवशोषण बेहतर होता है।
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एनीमिया कैसे दूर करें - फोटो : Freepik.com
आयरन की कमी हो गई है तो क्या करें?

आयरन की कमी दूर करने के लिए भोजन में आयरन से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, राजमा, चना, सोयाबीन, तिल, कद्दू के बीज, गुड़ और सूखे मेवे अच्छे स्रोत हैं।
 
  • मांसाहारी लोगों के लिए रेड मीट, चिकन और मछली अच्छे विकल्प हैं। इससे मिलने वाला हीम आयरन शरीर में अधिक आसानी से अवशोषित होता है। 
  • आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन सी लेना बहुत जरूरी है। 

अगर ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिनलगातार कम आ रहा है तो डॉक्टर से जरूर मिलें। बिना जांच के खुद से या लंबे समय तक आयरन की गोलियां न लें क्योंकि हर एनीमिया आयरन की कमी से नहीं होता। 



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स्रोत:
Impact of tea drinking on iron status in the UK: a review


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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