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Health Tips: आपको भी हो गई है आयरन की कमी? ये गलतियां करते हैं तो सप्लीमेंट्स से भी नहीं मिलेगा लाभ

Sat, 15 Nov 2025 05:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं, लेकिन कई बार सप्लीमेंट्स लेने के बाद भी आयरन की कमी पूरी नहीं हो पाती है। कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे शरीर इसे अवशोषित नहीं कर पाता है। 
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एनीमिया की समस्या - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत चाहते हैं तो इसका सबसे आसान मंत्र है लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार करना। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसका शरीर पर सीधा असर होता है, यही कारण है कि भोजन की थाली में उन चीजों की मात्रा बढ़ा लेनी चाहिए जिनसे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। संतुलित भोजन न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि शरीर के हर अंग को सही ढंग से काम करने में भी मदद करता है।

आहार विशेषज्ञ कहते हैं,  हमारे भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर का संतुलन होना बेहद जरूरी है। विटामिन और मिनरल्स शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं जैसे इम्यून सिस्टम, हार्मोन बैलेंस, खून के संचार के साथ त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके लिए थाली में रंग-बिरंगी सब्जियां, पर्याप्त प्रोटीन और जरूरी विटामिन-खनिज वाली चीजें होनी जरूरी हैं।

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए प्रोटीन-विटामिन्स के साथ-साथ आयरन की भी बहुत जरूरत होती है। इसकी कमी कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
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आयरन की कमी-एनीमिया का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
आयरन की कमी यानी एनीमिया का खतरा

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी है, हीमोग्लोबिन की मदद से ही ऑक्सीजन शरीर के सभी हिस्सों तक पहुंचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया में लगभग 30% लोग आयरन की कमी यानी एनीमिया से प्रभावित हैं, महिलाओं में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है। इसकी कमी से थकान, चक्कर, सांस फूलना, बाल झड़ना और त्वचा पीली पड़ जाना जैसी दिक्कतें होती हैं।

जिन लोगों को आहार के माध्यम से आयरन की पूर्ति नहीं हो पाती है उन्हें आयरन की गोलियां लेने की सलाह दी जाती है।
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एनीमिया के कारण होने वाली कमजोरी - फोटो : Freepik.com
आयरन सप्लीमेंट के सेवन से पहले जान लीजिए ये बातें

हालांकि ध्यान रखना जरूरी है कि शरीर में खून की कमी या एनीमिया होने पर आयरन सप्लीमेंट का सही तरीके से सेवन करना जरूरी होता है।

शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सक आयरन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं, लेकिन कई बार ये सप्लीमेंट्स लेने के बाद भी आयरन की कमी पूरी नहीं हो पाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोग कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे शरीर इसे अवशोषित नहीं कर पाता है। 

आयरन सप्लीमेंट पेट और आंतों की परत में गड़बड़ी पैदा कर सकता है। इससे बचने के लिए खाना खाने के बाद आयरन सप्लीमेंट खाने की सलाह दी जाती है। इसे लेने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है, क्योंकि इस समय पेट में एसिड का स्तर सबसे ज्यादा होता है। पेट का एसिड आयरन को अवशोषित होने में मदद करता है। 

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विटामिन-सी वाली चीजें जरूरी - फोटो : Freepik.com
आयरन के साथ विटामिन सी भी जरूरी

इसके अलावा आयरन की कमी को दूर करने के लिए विटामिन-सी से भरपूर चीजों जैसे नींबू पानी या आंवले के पानी का सेवन भी अधिक करना चाहिए। अगर आयरन सप्लीमेंट लेने के बाद पेट में गैस या जलन महसूस हो, तो एंटासिड सिरप या गोलियां न लें, क्योंकि आयरन को अवशोषित करने के लिए पेट में एसिड का उच्च स्तर बहुत जरूरी होता है। एंटासिड पेट के एसिड को कम कर देता है, जिससे आयरन का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता है।
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आयरन वाली चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

वरिष्ठ चिकित्सक, डॉ. अनिल बंसल कहते हैं,  कई बार खून की कमी गंभीर बीमारियों की वजह से भी होती है, इसलिए इसके कारणों को जानना जरूरी है। आयरन सप्लीमेंट्स का सेवन चिकित्सक की सलाह के बाद ही करें।

आयरन की कमी का सबसे प्रभावी समाधान सही आहार लेना है। सबसे पहले आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों, चुकंदर, दालें, काले चने, राजमा, सोयाबीन, गुड़, तिल, मूंगफली, अंडा और नॉन-वेग विकल्पों में लीवर, लाल मांस और मछली आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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