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International Yoga Day 2023: क्या योग से कम हो सकता है हृदय रोगों का जोखिम? जानिए अध्ययन में क्या पता चला

Wed, 21 Jun 2023 12:06 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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योग से स्वस्थ रहता है हार्ट - फोटो : istock
हृदय रोग वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। अमेरिका में हृदय रोग से हर 33 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत होती है। साल 2021 में लगभग 6.95 लाख लोगों की मृत्यु हृदय रोगों से हुई, जो हर 5 मौतों में से एक मौत के बराबर है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के वैज्ञानिकों का कहना है कि लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने के साथ दैनिक रूप से व्यायाम की आदत बनाकर हृदय रोगों के खतरे से बचा जा सकता है। तो क्या योग के अभ्यास से भी इसमें लाभ पाया जा सकता है?

अध्ययनों में योग को संपूर्ण शरीर के लिए लाभकारी प्रभावों वाला बताया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर आप नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करते हैं तो ये हृदय रोगों के तमाम जोखिम कारकों को कम करके आपके हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है। वैश्विक स्तर पर योग के अभ्यास को बढ़ावा देने और इससे होने वाले फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। आइए योग से हृदय रोगों को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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हृदय के लिए फायदेमंद हैं योगासन - फोटो : Pixabay
योग से हृदय रोगों को लाभ

कैनेडियन जर्नल ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में योग से हृदय रोगों के लाभ का विशेष जिक्र मिलता है। उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों पर तीन महीने तक किए गए इस अध्ययन के अनुसार, कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य और इसको बढ़ावा देने वाले जोखिमों को कम करने में नियमित योगासनों का अभ्यास अधिक फायदेमंद है। योग के अभ्यास से प्रतिभागियों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट दोनों कम होता देखा गया जो कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए अच्छा संकेत है। 
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नियमित योगासनों की बनाएं आदत - फोटो : Istock
हृदय रोगों के कारकों को कम कर सकता है 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सिर्फ ब्लड प्रेशर ही नहीं कई और भी कारक हैं जो हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकते हैं, योग के अभ्यास को लगभग इन सभी को कम करते हुए पाया गया है। जॉन्स हॉप्किंस मेडिसिन द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया कि योग तनाव, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के भी स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इन सभी का बढ़ा हुआ स्तर हार्ट अटैक का एक कारण हो सकता है। हृदय गति को कम करने में भी योग के नियमित अभ्यास की आदत को लाभकारी पाया गया है।
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रखिए हृदय की सेहत का ख्याल - फोटो : iStock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

पेन हार्ट एंड वैस्कुलर सेंटर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हेलेन ग्लासबर्ग कहती हैं, "योग को तमाम अध्ययनों में मेटाबॉलिज्म में सुधार करके आपके कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हुए पाया गया है जो धमनियों को स्वस्थ रखने में विशेष लाभकारी है। 

इसके अलावा योगासनों से नींद की गुणवत्ता को भी सुधार होते भी देखा गया है, कई शोध इस तरह इशारा करते हैं कि जिन लोगों की नींद की क्वालिटी ठीक नहीं होती है उनमें हार्ट डिजीज का जोखिम अधिक हो सकता है। यदि आप नियमित योग के अभ्यास की आदत बनाते हैं तो इससे हृदय स्वास्थ्य को विशेष लाभ मिल सकता है। 
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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