दुनियाभर में जिस तरह से क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। स्वस्थ जीवन जीने की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन गड़बड़ जीवनशैली, तनाव, खानपान की आदतों और हार्मोनल बदलाव कम उम्र में ही कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, महिलाएं कई गंभीर बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाती हैं, कई बीमारियां ऐसी भी होती हैं जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखने को मिलती हैं। यही कारण है डॉक्टर कम उम्र से ही सभी महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर सावधान रहने की सलाह देते हैं।
महिलाओं के स्वास्थ्य देखभाल में लैंगिक असमानताओं को दूर करने, समग्र कल्याण को बढ़ावा देने, बीमारियों से बचाव को लेकर सावधान और जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 28 मई को अंतरराष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।