कैंसर का जोखिम हर उम्र वालों में हो सकता है, हालांकि
लिंग के आधार पर भी कैंसर के जोखिमों पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जहां महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा अधिक होता है, वहीं पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले ज्यादा देखे जाते रहे हैं। वैसे तो 40 वर्ष से कम उम्र में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है पर इसके बाद जोखिम बढ़ता जाता है। वैश्विक स्तर पर इस गंभीर समस्या का खतरा काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। प्रोस्टेट कैंसर दुनियाभर में पुरुषों में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है।
पुरुषों की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक, आर्थिक उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए 19 नवंबर को प्रतिवर्ष
वर्ल्ड मेंस डे के रूप में मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इन सबके बीच पुरुषों को अपनी सेहत को लेकर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम जिस तरह से वैश्विक स्तर पर बढ़ा है, इसे ध्यान में रखते हुए कम उम्र से ही इससे बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
1990 के दशक में पुरुषों में यह आंठवे सबसे आम कैंसर के जोखिम के तौर पर जाना जाता था, हालांकि 2015 में यह तीसरे स्थान पर आ गया है। आइए इसके लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में जानते हैं।