फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

International Men's Day 2024: पुरुषों में तेजी से बढ़ रहा है इन बीमारियों का खतरा, आप भी हो जाइए सावधान

Mon, 18 Nov 2024 07:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

International Men's Day: पिछले एक दशक के आंकड़ें देखें तो पता चलता है कि पुरुषों में कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी पुरुषों के लिए जरूरी है कि आप अपनी सेहत को लेकर गंभीर रहें।
विज्ञापन
1 of 5
पुरुषों में होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com
दुनियाभर में पुरुषों के सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान का आभार व्यक्त करने और इसका जश्न मनाने के लिए हर साल 19 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस (International Men's Day) मनाया जाता है। इसे और तभी निखारा जा सकता है जब आपकी सेहत ठीक रहे। हालांकि पिछले एक दशक के आंकड़ें देखें तो पता चलता है कि पुरुषों में कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसे अक्सर शुरुआती स्थिति में नजरअंदाज कर दिया जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी पुरुषों के लिए जरूरी है कि आप अपनी सेहत को लेकर गंभीर रहें। लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारियों का जोखिम वैसे तो पुरुषों और महिलाओं दोनों को होता है, पर कुछ आदतें पुरुषों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करती देखी गई हैं। शारीरिक हो या मानसिक स्वास्थ्य पुरुषों में इन दोनों की समस्याओं को तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। 

आइए ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में जानते हैं जिनका पुरुषों में खतरा तेजी से बढ़ रहा है। क्या उपाय अपनाकर इनमें सुधार किया जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
पुरुषों का स्वास्थ्य - फोटो : Freepik.com
पुरुषों में होने वाली बीमारियां

डॉक्टर्स कहते हैं, पुरुषों को कई बीमारियां गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं, जिसके लिए आहार में पौष्टिकता की कमी को प्रमुख कारण माना जाता है। इसके अलावा काम के दबाव के चलते बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता के कारण मोटापा, उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल और टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम भी काफी बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  पुरुषों में कई ऐसी आदतें देखी गई हैं, जो उन्हें शारीरिक-मानसिक रूप से कमजोर और बीमार बना रही हैं। इससे जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। 
विज्ञापन

3 of 5
हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : Freepik.com
पुरुषों में बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुषों में महिलाओं की तुलना में हृदय रोगों का अधिक जोखिम होता है और आमतौर पर यह लगभग 10 साल पहले विकसित हो सकता है। असल में पुरुषों में महिलाओं की तुलना में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर कम होता है, जो हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा पुरुषों में बेली फैट और मोटापा विकसित होने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, जो हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार है। 

धूम्रपान, शराब पीना और अस्वास्थ्यकर आहार के कारण भी पुरुषों में हृदय रोग का खतरा अधिक हो सकता है।

4 of 5
पुरुषों में डायबिटीज का जोखिम - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज होने का खतरा

अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका अधिक होती है, इसके कई कारण हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण शरीर पर अधिक फैट या पेट पर अधिक चर्बी जमा होने को माना जाता है। इसके अलावा कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी पुरुषों में टाइप-2 मधुमेह के विकास को बढ़ावा दे सकता है।

पुरुषों में अधिक शारीरिक निष्क्रियता के कारण भी डायबिटीज और इसके कारण होने वाली जटिलताएं अधिक हो सकती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मानसिक रोगों की समस्या - फोटो : Adobe stock
मानसिक रोगों का जोखिम

पुरुषों को अक्सर सख्त हृदय वाला माना जाता है, हालांकि यह सभी पर लागू नहीं होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुषों को अपनी मानसिक सेहत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक पुरुषों की आत्महत्या दर बढ़ी है, इसका एक कारण अपनी भावनाओं को दबाने की आदत भी हो सकती है। दुख, क्रोध, रोने जैसी भावनाएं सामान्य हैं, इसे व्यक्त करने में हिचकें नहीं। भावनाओं को दबाना तनाव-चिंता विकारों को बढ़ा सकता है, जिसके कई गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। 

डॉक्टर कहते हैं, सभी पुरुषों को अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें