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Cesarean Awareness Month 2022: कब और क्यों डॉक्टर देते हैं सिजेरियन डिलीवरी की सलाह? जानें इसका गर्भवती और शिशु पर असर

Tue, 12 Apr 2022 11:21 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सिजेरियन डिलीवरी - फोटो : istock
गर्भावस्था जितनी सामान्य और सहज प्रक्रिया है, उतनी ही सहज प्रक्रिया है प्रसव भी। तेजी से बदलती जीवनशैली और आदतों ने प्रसव की प्राकृतिक और सहज प्रकिया पर भी असर डाला है। यही कारण है कि आजकल ज्यादातर महिलाएं सीजेरियन या सी सेक्शन या ऑपरेशन के जरिए शिशु को जन्म देती हैं। आज से एक पीढ़ी पहले तक की महिलाओं के लिए सिजेरियन का मतलब खराब हुआ करता था और नॉर्मल या वैजाइनल डिलीवरी ही बच्चे को जन्म देने के एकमात्र तरीके के रूप में स्वीकार की जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। समय, परिस्थितियों व अन्य कई कारणों से डॉक्टर सिजेरियन का निर्णय लेते हैं। वहीं कई बार गर्भवती खुद भी पीड़ा से जल्द बाहर निकलने के लिए सिजेरियन को आसान विकल्प मानती हैं। उन डॉक्टर्स का प्रतिशत भी कम नहीं है जो पैसे के लालच में सामान्य प्रसव को भी सिजेरियन में बदल डालते हैं। द इंटरनेशनल सीजेरियन अवेयरनेस नेटवर्क (आईसीएएन) द्वारा हर वर्ष अप्रैल माह को "इंटरनेशनल सिजेरियन अवेयरनेस मन्थ" के रूप में मनाया जाता है। ये प्रयास है लोगों को सिजेरियन डिलीवरी को लेकर जागरूक बनाने का और बेवजह सिजेरियन डिलीवरी से बचाव करने का। आइए जानें क्या वाकई सिजेरियन डिलीवरी खराब होती है? क्या इससे मां का शरीर हमेशा के लिए मुश्किलों का शिकार हो जाता है? 
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सिजेरियन डिलीवरी - फोटो : istock
सिजेरियन तकनीक क्यों है फायदेमंद ?

सिजेरियन, सी सेक्शन या ऑपरेशन के जरिए बच्चे के जन्म की संभावना तब होती है जब सामान्य प्रसव में कोई दिक्कत आती है और सिजेरियन का असल मकसद भी यही है। इसलिए यदि डॉक्टर आपको पूरे 9 महीने चैकअप के बाद किसी कारण से सिजेरियन का विकल्प देते हैं तो उसे समझिए। ये कोई खेल नहीं है। जाहिर है कि सामान्य प्रसव और शरीर को चीर कर करवाए गए प्रसव में अंतर होता है और सामान्य प्रसव के कई फायदे होते हैं। लेकिन यदि गर्भ में बच्चे की स्थिति असामान्य है, मां का शरीर सामान्य प्रसव को झेल नहीं सकता या प्रसव के दौरान अचानक किसी प्रकार की जटिल स्थिति पैदा होती है तो सिजेरियन सर्वोत्तम विकल्प के रूप में सामने होता है। यह मां और शिशु दोनों की ही जान बचाने में भूमिका अदा कर सकता है। 
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सिजेरियन डिलीवरी - फोटो : istock
खेल नहीं है सिजेरियन: 

आजकल ऐसे कई केसेस सुनने में आते हैं कि पैरेंट्स को किसी खास तिथि या समय पर बच्चे को दुनिया मे लाना था, इसलिए सब कुछ सामान्य होते हुए भी उन्होंने बेवजह सिजेरियन का विकल्प अपनाया। ऐसी स्थिति में आप डॉक्टर को दोष नहीं दे सकते। हो सकता है डॉक्टर आपको समझाएं फिर भी आप जिद पर अड़े रहें, तो गलती डॉक्टर की नहीं। इसलिए यह हमेशा ध्यान रखिए कि सिजेरियन की आवश्यकता आपात या विशेष स्थितियों में होती है, इसे बेवजह प्रयोग में न लाएं। 

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सिजेरियन डिलीवरी - फोटो : mirror.co.uk
डरिए नहीं, भरोसा कीजिए: 

सिजेरियन ऑपरेशन आजकल बहुत उन्नत तकनीक के साथ किए जाते हैं। इसलिए इसे लेकर मन में कोई डर न पालें। आपके मन में केवल अपने डॉक्टर को लेकर भरोसा होना जरूरी है। ऐसा भी जरूरी नहीं है कि यदि एक बार आपकी डिलीवरी नॉर्मल हुई तो दूसरी डिलीवरी के दौरान भी वही स्थिति होगी। पहला बच्चा सिजेरियन से और दूसरा नार्मल डिलीवरी या इसका उल्टा भी हो सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सिजेरियन डिलीवरी के साथ शरीर को फिर से सामान्य होने में नॉर्मल डिलीवरी की तुलना में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इस दौरान डॉक्टर आपको दर्द कम करने वाली या अन्य दवाइयां दे सकते हैं। ये दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित होती हैं और इससे बच्चे को स्तनपान कराने में भी कोई बाधा नही आती। फिर भी यदि आपके मन में संशय हो, डॉक्टर से एक बार पूछें जरूर। 
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सिजेरियन डिलीवरी - फोटो : pixabay
सिजेरियन के दौरान लगे टांके को लेकर सतर्कता रखें और डॉक्टर से सभी तरह की सावधानियों के बारे में पूछें। जैसे- टांकों के लिए क्या अतिरिक्त देखभाल करनी है? नहाना कैसे है? बच्चे को गोद में लेते हुए पॉश्चर कैसा रखना है, आदि। यदि आपको अतिरिक्त खून बहने, दर्द या असहजता की शिकायत हो, तो डॉक्टर से तुरन्त सलाह लें।
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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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