आपको नहीं लगता हमारी जीवनशैली इतनी व्यस्त, तनावपूर्ण और भागदौड़ भरी हो गयी है कि दिन शुरू कब होता है और कब खत्म होता है पता नहीं चलता। इसका सबसे बुरा प्रभाव पड़ता है स्वस्थ्य पर क्योंकि ऐसी स्थिति में नाश्ता और खाना अधिकतर बाहर होता है। ऐसे में पौष्टिक आहार और भरपूर मात्रा में सब्जियों का शामिल होना नामुमकिन है। आहार में फल और सब्जियों की कमी से बेहद बुरा असर पड़ सकता है।
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पर्याप्त मात्रा में सब्जी और फल नहीं खाने से दुनिया भर में लाखों लोग हर साल कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों की वजह से मौत का शिकार हो जाते हैं। एक स्टडी में ये बात सामने आई है। शोध में ये पता चला है कि दिल की बीमारियों से होने वाली मौत के मामले में 7 में से 1 की मौत पर्याप्त मात्रा में फल नहीं खाने और 12 में से 1 व्यक्ति की मौत पर्याप्त मात्रा में सब्जी नहीं खाने से होती है।
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शोधकर्ताओं के अनुसार पर्याप्त मात्रा में फल नहीं खाने की वजह से 2010 में 18 लाख लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लाख लोगों की मौत पर्याप्त मात्रा में सब्जी नहीं खाने से हुई थी। अमेरिका के टुफ्ट्स यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ता विक्टोरिया मिलर ने बताया कि फल और सब्जियां हमारे आहार के लिए जरूरी हैं, जो उन बीमारियों से होने वाली मौत को रोकने में प्रभावी साबित हो सकती हैं, जिनका इलाज संभव है।
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हरी सब्जियां खाने की सलाह हर कोई देता है। इसका कारण यह है कि हरी सब्जियों में फॉलेट, कैल्शियम, आयरन आदि तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। गर्भावस्था के दौरान इनका सेवन मां और होने वाले शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होता है इसलिए अपने रोज के खाने में पालक, धनिया, मेथी, सरसों, साग आदि को शामिल करें।
पीले रंग के सभी सब्जियों और फलों में भरपूर विटामिन सी होता है। इनमें कैरोटिनॉयड्स और विटामिन ए की मात्रा भी भरपूर होती है। पीले रंग के खाद्य पदार्थों में नींबू, अनानास, पीली शिमला मिर्च, और अंगूर शामिल हैं। बैंगनी रंग की सब्जियों में एंथोक्यानिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो संक्रमण को रोकता है। इनमें बैंगन, प्याज, काला अंगूर, चुकंदर, जामुन, काली गाजर, शहतूत, ब्लूबेरीज, नीली पत्ता गोभी, नीली फूल गोभी शामिल हैं।