अस्थमा सांस की एक गंभीर बीमारी है, दुनियाभर में लाखों लोग इसका शिकार हैं। सांस की नलियों में सूजन या फिर इनके सिकुड़ जाने के कारण ये दिक्कत होती है, इसमें सांस लेना मुश्किल हो जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ये दिक्कत किसी को भी हो सकती है। धूल-धुंआ, प्रदूषण और कुछ अन्य चीजें अस्थमा की समस्या को ट्रिगर करके अस्थमा अटैक का कारण भी बन सकती हैं, जिसमें अगर समय रहते जरूरी उपाय न किए जाएं तो ये जानलेवा भी हो सकती है।
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुआलालंपुर से सिडनी जा रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट में एक भारतीय यात्री की अस्थमा का गंभीर अटैक पड़ने से मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर से लोगों का ध्यान खींचा है कि कैसे कोई मेडिकल इमरजेंसी कुछ ही मिनटों में बहुत गंभीर हो सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अस्थमा में सांस फूलने या सीने में जकड़न को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब अचानक सांस लेने में बहुत ज्यादा दिक्कत होने लगे, बोलना मुश्किल हो जाए और दवा लेने के बाद भी आराम न मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अस्थमा का गंभीर अटैक जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारी है उन्हें सावधानी बरतते रहना चाहिए।
आइए जानते हैं कि अस्थमा अटैक होने पर तुरंत क्या उपाय करके जानलेवा खतरे को कम किया जा सकता है?