इबोला मौजूदा समय में दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। अफ्रीकी देश कांगो और यूगांडा से शुरू हुई ये संक्रामक बीमारी लोगों में डर बढ़ाती जा रही है। इसी हफ्ते जारी एक रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बताया कि अफ्रीका के अधिकतर क्षेत्रों में इसका उच्च जोखिम है, लेकिन अच्छी बात ये है कि वैश्विक स्तर पर इसका खतरा फिलहाल कम ही है। इस प्रकोप में अब तक कम से कम 600 संदिग्ध मामले सामने आए हैं और 139 मौतें हुई हैं।
एशियाई देशों में भले ही इबोला का खतरा फिलहाल नहीं है, पर चूंकि अंतरराष्ट्रीय यात्राएं जारी हैं इसे देखते हुए सभी लोगों को सतर्क किया जा रहा है। इबोला के खतरे को बीच नई दिल्ली में 28-31 मई को आयोजित होने वाले भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन को भी स्थगित कर दिया गया है।
इस बीच रविवार को भारत सरकार ने इबोला को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें इस जानलेवा संक्रामक रोग से बचने के लिए जरूरी सुझाव दिए गए हैं।