महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों, बच्चों में खसरा के मामलों में वृद्धि और मौत ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खसरा के कारण तीन बच्चों की मौत रिपोर्ट की गई है, हालांकि इसकी जांच की जा रही है। खसरा के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्लम क्षेत्रों में खसरा के प्रकोप का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की टीम भेजी है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। बीएमसी के अधिकारियों ने माता-पिता से अपने 9 और 16 महीने के बच्चों को खसरा और रूबेला का टीका लगवाने की भी अपील की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई में इस साल जनवरी से अक्टूबर तक खसरा और रूबेला के 90 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 74 मामले खसरा के जबकि शेष रूबेला के हैं। बीएमसी के जन स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने मीडिया को बताया- “पूरे शहर में खसरा के मामलों में तेजी आई है, जिसके बाद हमने एकीकृत सर्वेक्षण और घर-घर जाकर जांच शुरू करा दी है। इसके अलावा गोवंडी में खसरा से एक डेढ़ वर्षीय लड़के की मौत की पुष्टि की गई है और अन्य तीन मौतों की समीक्षा की जा रही है। सभी लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर भी खसरा से बचाव के उपाय करते रहने चाहिए।