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World Asthma Day: दुनियाभर में अस्थमा से होने वाली 46% मौतें अकेले भारत में, आप में भी तो नहीं हैं इसके लक्षण?

Tue, 07 May 2024 11:09 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Lungs, Xray - फोटो : istock
अस्थमा फेफड़ों में होने वाली गंभीर बीमारी है, जिसका खतरा लगभग सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। अस्थमा के रोगियों को वायुमार्ग के आसपास सूजन और मांसपेशियों की जकड़न के दिक्कत होने लगती है जिसके कारण उनके लिए सांस लेना कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया वातावरण की कई परिस्थितियां अस्थमा रोगियों के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं, इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी के शिकार लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहना चाहिए। 

वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट की जाने वाली इस बीमारी को लेकर लोगों को जागरूक करने और अस्थमा से बचाव को लेकर उपायों के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है। अस्थमा दिवस के लिए इस साल का थीम है- अस्थमा एजुकेशन इंपावर्स।

अस्थमा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि दुनियाभर में अस्थमा से होने वाली 46% मौतें अकेले भारत से रिपोर्ट की जाती हैं। कम उम्र के लोग यहां तक कि बच्चों को भी ये बीमारी अपना शिकार बना रही है। आइए इस विकार के लक्षणों और इसके कारण होने वाली समस्याओं पर नजर डालते हैं।
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फेफड़ों की बीमारी - फोटो : istock
भारत में अस्थमा के रोगी

भारत में हर साल अस्थमा के कारण अनुमानित दो लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2021 रिपोर्ट के अनुसार भारत में अस्थमा के मरीज काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। श्वसन रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा रोगियों में अगर समय रहते अस्थमा का निदान हो जाए तो इसके उचित उपचार से लक्षणों को बिगड़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
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फेफड़ों की समस्या - फोटो : istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

इंडियन चेस्ट सोसइटी के अध्यक्ष डॉ संदीप साल्वी बताते हैं- 
 
भारत में बढ़ते अस्थमा रोग के मामलों के लिए प्रमुख कारण इसका समय पर निदान न हो पाना माना जाता है। भारत में 90 प्रतिशत से अधिक अस्थमा रोगी इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का उपयोग नहीं करते हैं जिसे इस रोग से बचाव के लिए सबसे आवश्यक माना जाता है। ज्यादार लोगों में रोग का समय पर निदान या इलाज न हो पाने के कारण  इस रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा देखा जाता रहा है।

डॉक्टर बताते हैं, समय पर फेफड़ों के इस रोग का पता लगाकर लक्षणों को बिगड़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।

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Heart, Chest, - फोटो : istock
ऐसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है अस्थमा?

अस्थमा के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। धूल-पराग कणों के संपर्क में आने या फिर कुछ प्रकार की चीजों से एलर्जी के कारण अस्थमा की समस्या के ट्रिगर होने का जोखिम रहता है। अगर आपको भी कुछ प्रकार के लक्षणों का अनुभव हो रहा है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
  • सांस लेने में कठिनाई।
  • सीने में जकड़न या दर्द।
  • सांस छोड़ते समय घरघराहट होना, बच्चों में अस्थमा का ये सामान्य लक्षण है।
  • सांस लेने में तकलीफ, खांसी या घरघराहट के कारण सोने में परेशानी होना।
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फेफड़ों की समस्या - फोटो : istock
ये हो सकते हैं गंभीर संकेत

डॉक्टर बताते हैं, गंभीर स्थितियों में अस्थमा अटैक के मामले खतरनाक हो सकते हैं। कुछ स्थितियों में आपातकालीन उपचार की भी  आवश्यकता हो सकती है। अस्थमा के अगर इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं तो यह संकेत है कि आपको आपातकाल उपचार के लिए जाना चाहिए
  • सांस लेने में तकलीफ या घरघराहट की समस्या का बढ़ते जाना। 
  • इन्हेलर का उपयोग करने के बाद भी कोई सुधार न होना। 
  • कम शारीरिक गतिविधि के बाद भी सांस फूलने की समस्या। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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