हार्ट रेट बढ़ना कितना खतरनाक?
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वैसे तो व्यायाम, बुखार, स्ट्रेस, दर्द और कुछ दवाओं के कारण भी हार्ट रेट अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। हालांकि चिंता तब बढ़ जाती है, जब धड़कन बिना किसी स्पष्ट कारण के तेज हो जाए या इसके साथ चक्कर आने, सांस फूलने, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें। कम उम्र के लोगों में भी दिल की धड़कन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इन संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना बहुत जरूरी है।
हार्ट रेट बढ़ा रहे तो हो जाएं अलर्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आराम करते समय स्मार्टवॉच पर लगातार 120 बीट प्रति मिनट या अधिक हार्ट रेट दिखना गंभीर हो सकता है। खासकर तब, जब इसके साथ दिल तेजी से धड़कने, चक्कर आने या बेहोशी जैसे लक्षण हों।
- ऐसा ही एक मामला 23 वर्षीय युवक में सामने आया। उसकी स्मार्टवॉच ने आराम के दौरान करीब 120 बीट प्रति मिनट हार्ट रेट दिखाई दी।
- युवक को साढ़े तीन महीने से दिल तेज धड़कने और बेहोशी की शिकायत थी। जांच में उसे एट्रियोवेंट्रिकुलर नोडल री-एंट्री टैकीकार्डिया नामक समस्या का पता चला।
- डॉक्टरों ने इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडी से अनियमित धड़कन की वजह जानी। फिर रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन प्रक्रिया से उसका सफल इलाज किया गया। उसके बाद मरीज की हालत स्थिर रही।
सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वरुण बंसल कहते हैं, दिल की समस्या हमेशा सीने में दर्द जैसे गंभीर लक्षण से शुरू हो, ये जरूरी नहीं है। हार्ट रेट में असामान्य बदलाव भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। व्यायाम, तनाव, चिंता या बुखार जैसे सामान्य कारणों से भी धड़कन तेज हो सकती है। लेकिन आराम करते समय बिना किसी स्पष्ट कारण के बढ़ी हार्ट रेट को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।