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कोरोनाकाल में इस तरह से बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता न होने दें कम, दूर रहेंगी बीमारियां

Thu, 25 Mar 2021 05:36 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चे और माता-पिता दोनों ही परेशान होते हैं - फोटो : Pixabay

रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर कोरोना ही क्या बच्चा किसी भी बीमारी से ग्रसित हो सकता है। जिस उम्र में बच्चे बोलकर नहीं बता पाते हैं कि उन्हें क्या तकलीफ हो रही है, उस उम्र में बच्चे और माता-पिता दोनों ही परेशान होते हैं। बहुत जरूरी है कि छोटे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम न हो ताकि वे बीमारियों से बच सकें। बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहे इसका ध्यान माता-पिता को ही रखना होता है। अगली स्लाइड्स से डॉ अराधना शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बेबी केयर क्लीनिक, इंदौर से जानिए किस तरह से बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता का ख्याल रखा जा सकता है। 

 

 

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आठ से दस घंटे की नींद को पूरा कर सके - फोटो : Pixabay

नींद का रखें ख्याल
छोटे बच्चों के जब दांत निकलते हैं तो नींद को लेकर बहुत परेशान रहते हैं, ऐसे में जब उनकी नींद पूरी नहीं होती है तो इसका प्रभाव उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। सामान्य दिनों में भी मौसम बदलने या छोटी- मोटी कोई शारीरिक समस्या होने पर भी बच्चों की नींद बिगड़ती है इसलिए कोशिश करें कि बच्चा अपनी आठ से दस घंटे की नींद को पूरा कर सके। 

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अंगूर, संतरा, जामुन आदि खाने से बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित नहीं होगी - फोटो : Pixabay

विटामिन- सी का सेवन
छोटे बच्चों के लिए फलों का सेवन फायदेमंद होता है। यदि बच्चे खाना खाने में नाटक करते हैं तो परेशान न होइए। उन्हें फल खिलाइए, रस पिलाइए। अंगूर, संतरा, जामुन आदि खाने से बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित नहीं होगी। उबला हुआ आलू भी बच्चों को दिया जा सकता है। इनके सेवन से एंटीबॉडी का गठन होता है और साथ ही रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। 

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मां के दूध में एंटीबॉडी, प्रोबायोटिक्स, प्रोटीन, वसा, शर्करा आदि होते हैं - फोटो : pixabay

स्तनपान
छोटे बच्चों को नियमित रूप से स्तनपान कराएं। जो बच्चे प्रतिदिन सही मात्रा में स्तनपान करते हैं, वे बीमार कम पड़ते हैं। मां के दूध में एंटीबॉडी, प्रोबायोटिक्स, प्रोटीन, वसा, शर्करा आदि होते हैं, जो कि बच्चों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। यदि बच्चा पर्याप्त मात्रा में स्तनपान नहीं करता है तो उसके अस्वस्थ रहने की संभावनाएं बढ़ जाती है इसलिए यदि वो सही से स्तनपान नहीं कर रहा है तो चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। 

 

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उनका टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है - फोटो : अमर उजाला
टीकाकरण निर्देश में लापरवाही नहीं
छोटे बच्चों के किसी भी काम में वैसे तो लापरवाही नहींं होना चाहिए लेकिन विशेषकर टीकाकरण में लापरवाही नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका प्रभाव बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। कई माता-पिता कोरोना के कारण बच्चों को टीकाकरण के लिए अस्पताल आदि नहीं लेकर जा रहे हैं जो कि ठीक नहीं है। पूरी सुरक्षा के साथ बच्चों को अस्पताल ले जाकर उनका टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है। 
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