हम जानते हैं, हमारी सेहत के लिए कौन सा आहार अच्छा रहेगा और कौन सा नहीं। बावजूद, हम कभी-कभी स्वाद के लालच में ऐसा खाना खाने से भी नहीं हिचकिचाते जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक है। लेकिन सेहत के लिए परहेज बहुत जरूरी है। खासकर हृदय रोगियों के लिए। तभी हम अपने दिल की सेहत को ठीक रख सकते हैं।
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डॉ दीपिका अग्रवाल
- फोटो : amar ujala
यह कहना है केजीएमयू की डाइटिशियन डॉ. दीपिका अग्रवाल का, जो बता रही हैं दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
वजन पर नियंत्रण जरूरी
यदि रोगी का वजन बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले अपने वजन को संतुलित कीजिए। ऐसे भोज्य पदार्थों को अपने खानपान में शामिल करें, जिनमें कैलोरी कम हो और वे आसानी से पच सकें। ऐसे लोगों को 1200 से 1400 किलो कैलोरी ही प्रतिदिन लेनी चाहिए। यदि एक्टिविटी लेवल अधिक है तो 1600 कैलोरी तक लेनी चाहिए। साबुत अनाज, ओट्स, चोकर वाले आटे की रोटी में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रोटीन : अपने शरीर के भार के हिसाब से प्रोटीन लेना चाहिए। इसके लिए अपनी डाइट में भुनेे चने, पनीर (फैट फ्री), बादाम, फिश को भोजन में शामिल करें। फैट से दूरी : कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा रक्तवाहिनियों में रुकावट पैदा करती है। इससे हृदयाघात और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को 300 मिलीग्राम से अधिक कोलेस्ट्रॉल नहीं लेना चाहिए।
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सरसों का तेल
तेल का सेवन एकदम बंद करना ठीक नहीं
वसा की मात्रा रोगी की स्थिति व शरीर की रचना के अनुसार रखी जाती है। हृदय रोगी 15 से 20 ग्राम तक फैट ले सकते हैं। इसमें सरसों का तेल अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। सैच्युरेटेड फैट जैसे देशी घी, मक्खन का इस्तेमाल आधा चम्मच ही करें।
छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान
- पूरा खाना एक साथ न खाएं। उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें। खाने में फाइबर बढ़ाएं। अपने खाने में प्रतिदिन तीन-चार कटोरी सब्जी, जिनमें हरी सब्जियां ज्यादा हों, 200 ग्राम मौसमी फल और खाने में सलाद अवश्य शामिल करें।
- वजन न बढ़े इसका ध्यान रखें, ज्यादा है तो कम करने का प्रयास करें। नमक का प्रयोग डॉक्टर व डायटीशियन की सलाह के अनुसार ही करें।
- एक्सरसाइज अवश्य करें, इसमें मॉर्निंग वॉक फायदेमंद होगी। शारीरिक व मानसिक तनाव से बचें।