गठिया रोग की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। बुजुर्गों को होने वाली यह बीमारी अब युवाओं को भी तेजी से चपेट में ले रही है। आयुर्वेद के अनुसार, गठिया खराब वात दोष के कारण होता है। लोहिया अस्पताल के आयुर्वेद विभाग के चिकित्सक बताते हैं कि गठिया तीन प्रकार का होता है। रूमेटी गठिया, आस्टियो आर्थराइटिस और गाउट। रूमेटी गठिया को आयुर्वेद में आम वात कहा जाता है। खराब पाचन के कारण जमा हुए विषाक्त पदार्थ को अमा कहते हैं और वात एक प्रकार का दोष या जैविक ऊर्जा है। अमा पूरे शरीर में फैलकर कमजोर जोड़ों पर जमा होता है और फिर वात तेज हो जाता है। इससे सूजन पैदा होती है और आखिर में गठिया में परिवर्तित हो जाता है।