प्रतीकात्मक तस्वीर
हां, संतुलित आहार और व्यायाम से हम अपनी बढ़ती उम्र के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं और ऐसा करने से मोतियाबिंद का असर भी कम होगा। कहते हैं कि जिस उम्र में बाल सफेद होते हैं, उसी उम्र में मोतियाबिंद हो जाता है। आंखों के लेंस प्रोटीन के बने होते हैं। डायबिटीज, उम्र के प्रभाव, स्मोकिंग, इंजरी और स्टेरॉयड लेने से लेंसों को नुकसान पहुंचता है।