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Immunity Tips: बदलते मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इन चीजों का करें सेवन, दूर रहेंगी बीमारियां

Thu, 26 Feb 2026 10:09 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बदलते मौसम में अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। इसलिए आइए इस लेख में डॉक्टर से जानते हैं कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए किन चीजों को डाइट में शामिल करना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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इम्युनिटी - फोटो : Adobe stock photos
How to Boost Immunity Naturally : ठंड का मौसम धीरे-धीरे जा रहा है, बहुत से लोग अब रात में पंखा चलाकर सोना शुरु कर चुके हैं। ऐसे मौसम में बदलाव आते ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी 'इम्यूनिटी' पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। जैसे ही तापमान में उतार-चढ़ाव होता है, हवा में वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं, जिससे सर्दी, जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियां घर-घर पहुंचने लगती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एक मजबूत इम्यून सिस्टम न सिर्फ बाहरी कीटाणुओं से ही नहीं लड़ता, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाता है। इम्यूनिटी बढ़ाना कोई रातों-रात होने वाला चमत्कार नहीं है, बल्कि यह आपकी दैनिक खान-पान की आदतों और जीवनशैली पर निर्भर करता है। बदलते मौसम में उन फूड प्रोडक्ट को डाइट में शामिल करना बहुत जरूरी होता है जो आपकी इम्यूनिटी को बढ़ा सके। इसलिए आइए इस लेख में डॉक्टर से जानते हैं कि किन चीजों को डाइट में शामिल करने से आपकी इम्यूनिटी मजबूत होगी।
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विटामिन-सी - फोटो : Freepik.com
विटामिन-C और खट्टे फलों की शक्ति
हमने इस विषय में कुशीनगर के निजी अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टर रवि कुशवाहा से बात की। उन्होंने बताया कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन-C से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करना बहुत जरूरी है। डॉक्टर से मुताबिक संतरा, नींबू, आंवला और कीवी जैसे फल सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मुख्य भूमिका निभाती हैं।

ये फल न सिर्फ शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं, बल्कि एंटीऑक्सीडेंट्स के जरिए फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को भी रोकते हैं। डॉक्टर ने ये भी कहा बहुत से लोगों को मालूम होने के बावजूद नींबू और आंवला से बचते हैं, ऐसे में रोजाना दो आंवले का जूस और रोज सुबह नींबू पानी पीनी अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। ये आदत आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। 
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अदरक - फोटो : Freepik.com
अदरक, लहसुन और हल्दी
डॉक्टर रवि के मुताबिक भारतीय मसालों में छिपे औषधीय गुण इम्यूनिटी के लिए 'पावरहाउस' हैं। अदरक में 'जिंजरॉल' और हल्दी में 'करक्यूमिन' होता है, जो शरीर की सूजन को कम करते हैं और गले के संक्रमण से राहत दिलाते हैं। वहीं लहसुन में मौजूद 'एलिसिन' शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को दुगना कर देता है। रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीना शरीर की थकान और कमजोरी दूर करने का सबसे पुराना और कारगर नुस्खा है।

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ड्राई फ्रूट्स - फोटो : Freepik.com
प्रोबायोटिक्स और ड्राई फ्रूट्स का महत्व
हमारा 70% इम्यून सिस्टम आंतों से जुड़ा होता है। दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और बीमारियां दूर रहती हैं। इसके अलावा बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स में विटामिन-E और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करते हैं। चिया सीड्स और अलसी के बीज भी ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत हैं, जो शरीर की अंदरूनी रिकवरी में मदद करते हैं।

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पौष्टिक खानपान - फोटो : Adobe
संतुलित जीवनशैली है जरूरी
डॉक्टर रवि बताते हैं कि अच्छे खान-पान के साथ-साथ पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम भी इम्यूनिटी के लिए जरूरी है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद शरीर को खुद को रिपेयर करने का समय देती है। डॉक्टर ने सुझाव दिया कि तनाव से बचें और खूब पानी पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें। ध्यान रखें इम्यूनिटी बढ़ाना एक लंबा चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए बदलते मौसम में इन आदतों को अपनी स्थाई जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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