डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर समस्या है, जिसका खतरा अब कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है। पहले डायबिटीज बुजुर्गों को होने वाली बीमारी माना जाती थी हालांकि अब युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो ये बीमारी किसी को भी हो सकती है, हालांकि जिनकी लाइफस्टाइल ठीक नहीं है, खान-पान गड़बड़ है या फिर माता-पिता या परिवार में पहले से किसी को ये बीमारी रही है, उनमें खतरा अधिक हो सकता है।
डॉक्टर सभी डायबिटीज मरीजों को नियमित अंतराल पर शुगर लेवल की जांच करते रहने और उसी आधार पर खानपान और दिनचर्या को व्यवस्थित करने की सलाह देते हैं। घर पर ही शुगर की जांच करने के लिए ग्लूकोमीटर का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। ये एक छोटा सा डिवाइस है जिसके स्ट्रिप पर खून की एक बूंद लगाकर शुगर लेवल की जांच की जा सकती है। हालांकि इसके लिए हर बार उंगली पर निडिल चुभाकर खून निकालने की जरूरत होती है, जो दर्दकारक होती है।
डायबिटीज रोगियों के लिए इस संबंध में अच्छी खबर है। आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने एक प्रभावी ग्लूकोमीटर तैयार कर लिया है जिसमें बिना सुई चुभाए भी शुगर की जांच की जा सकती है।