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सावधान: कब्ज के मरीज हैं तो न करें ये पांच काम, थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर पड़ जाएगी भारी

Mon, 19 Apr 2021 04:08 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
Medically Reviewed by Dr. Vijayant Kumar Sachan

डॉ. विजयंत कुमार सचान

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), डीएनबी (सर्जरी गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी) 
अनुभव- 8 वर्ष 


पेट से जुड़ी ऐसी कई समस्याएं हैं, जिसका सामना आपने कभी न कभी किया ही होगा। इसी में से एक है कब्ज। बदलती जीवनशैली की वजह से यह समस्या आज के समय में बहुत ही आम हो गई है। हालांकि कुछ लोगों को कब्ज की समस्या बार-बार और कई बार होती है। दरअसल, इसकी वजह डिहाइड्रेशन, कम मात्रा में फाइबर लेना, तनाव या फिर डेयरी उत्पादों का अधिक मात्रा में सेवन करना हो सकती है। इस समस्या से बचने का सबसे अच्छा उपाय यही है कि आप अपना खान-पान अच्छा रखें और ऐसी चीजों का सेवन करें, जो कब्ज की समस्या पैदा न करें और साथ ही उन चीजों को नजरअंदाज करना चाहिए, जिससे आपको कब्ज की समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं कि कब्ज के मरीजों को कौन से पांच काम नहीं करने चाहिए... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
न करें जंक फूड का सेवन 
  • आमतौर पर जंक फूड सेहत के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं, डॉक्टर भी इनसे दूर रहने की ही सलाह देते हैं। इसके सेवन से पेट की समस्याएं शुरू हो जाती हैं, जिसमें कब्ज भी शामिल है। अगर आप नियमित रूप से जंक फूड का सेवन करते हैं तो यह आपके लिए घातक हो सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ज्यादा देर तक बैठना 
  • अगर आप कब्ज के मरीज हैं तो ध्यान रहे कि किसी एक जगह पर ज्यादा देर तक न बैठें, ये आपकी समस्या को बढ़ा सकता है। दरअसल, शारीरिक निष्क्रियता भोजन को पचाने की गति को धीमा कर सकती है और इस वजह से आपकी परेशानी और भी बढ़ जाएगी। इसलिए यह जरूरी है कि आप नियमित रूप से व्यायाम करें और शरीर को शिथिल न होने दें। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सीमित मात्रा में करें डेयरी उत्पादों का सेवन 
  • अगर आप कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं तो डेयरी उत्पादों का सीमित मात्रा में सेवन करें। दरअसल, डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही, आइसक्रीम, मिल्क केक में लैक्टोज होता है, जिससे कब्ज को बढ़ावा मिलता है। इसलिए ध्यान रखें, क्योंकि इनका अधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बार-बार न खाएं दर्द की दवाई 
  • अधिकतर लोग दर्द को दूर करने के लिए बिना किसी डॉक्टर की सलाह के दवाएं खाते रहते हैं, जो आगे जाकर परेशानियां खड़ी कर सकते हैं। दरअसल, बार-बार सिरदर्द की दवाई या पेन किलर खाना स्वास्थ्य को फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। इससे कब्ज की समस्या हो सकती है। अगर आप भी बार-बार दर्द की दवाई खा रहे हैं तो संभल जाएं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शराब और कॉफी से रहें दूर 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि शराब आपके शरीर में तरल पदार्थों की मात्रा को कम कर देता है। इसके सेवन से आपको पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और सिर्फ शराब ही नहीं बल्कि अगर आप कॉफी की समस्या से जूझ रहे हैं तो यह आपके लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। यह कब्ज की समस्या को बढ़ा सकती है। इनके सेवन से बचें। 
नोट: डॉ. विजयंत कुमार सचान अत्यधिक योग्य और अनुभवी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं। इन्होंने चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूर किया है। इसके बाद इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमएस (जनरल सर्जरी) की पढ़ाई पूरी की है। बता दें कि डॉ. विजयंत कुमार सचान ने हैदराबाद के ग्लोबल हॉस्पिटल से सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन भी किया है। यहां पर इन्होंने एडवांस्ड मिनिमल एक्सेस सर्जरी (लैप्रोस्कोपी) कॉम्प्लेक्स आंतों के कैंसर सर्जरी, हेपेटोबिलियरी सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट की ट्रेनिंग ली। इनकी खास दिलचस्पी जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर सर्जरी और एचपीबी सर्जरी में है। डॉ. विजयंत कुमार सचान की आईएमए और एएसआई में सदस्यता भी है। वह एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं, जो इस क्षेत्र में 8 साल का विशाल अनुभव रखते हैं। 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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