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Hypersomnia: जरूरत से ज्यादा आती है नींद और शरीर में बना रहता है आलस, हो सकता है इन बीमारियों का संकेत

Wed, 03 Sep 2025 05:30 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक सामान्य व्यक्ति के लिए 7-8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है। अगर कोई व्यक्ति इतनी देर अच्छी तरह से सोने के बाद भी थका हुआ और आलस महसूस कर रहा है, तो यह किसी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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sleep - फोटो : adobe stock
Excessive Sleepiness Causes: अगर आपको जरूरत से ज्यादा नींद आती है और दिन भर आलस बना रहता है, तो यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि एक गंभीर मेडिकल स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसे हाइपरसोम्निया कहते हैं। हाइपरसोम्निया एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति रात में पर्याप्त नींद लेने के बाद भी दिन में बहुत ज्यादा सुस्त और नींद में रहता है। 

आम तौर पर हम एक दिन में 7 से 8 घंटे की नींद लेते हैं, लेकिन अगर आपको इससे भी ज्यादा सोने की जरूरत महसूस हो, और नींद पूरी होने के बावजूद थकान और आलस बना रहे, तो यह चिंता का विषय है। लोग अक्सर इसे अनदेखा कर देते हैं और अपनी दिनचर्या में बदलाव नहीं ला पाते। हाइपरसोम्निया के कई कारण हो सकते हैं, इस स्थिति को समझना और इसके पीछे के कारणों को जानना बहुत जरूरी है ताकि समय पर इसका सही इलाज किया जा सके। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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स्लीप एप्निया खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock
स्लीप एपनिया
हाइपरसोम्निया का एक सबसे बड़ा कारण स्लीप एपनिया है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय सांस कुछ समय के लिए रुक जाती है या बहुत धीमी हो जाती है। सांस रुकने से दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिससे नींद बार-बार टूटती है, भले ही आपको इसका एहसास न हो। इस वजह से रात की नींद अधूरी रहती है और दिन में बहुत ज्यादा नींद और थकान महसूस होती है।

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थाइरॉइड की समस्या - फोटो : Freepik.com
थायराइड की समस्या
थायराइड ग्रंथि हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। अगर यह ग्रंथि अंडरएक्टिव है, तो यह शरीर के कार्यों को धीमा कर देती है, जिसमें ऊर्जा का उत्पादन भी शामिल है। हाइपोथायरायडिज्म के कारण अक्सर लोगों को बहुत ज्यादा थकान और आलस महसूस होता है, जिससे उन्हें अधिक नींद आती है। अगर इसके अन्य लक्षण भी दिखें, जैसे वजन बढ़ना, थकान महसूस होना तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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थकान - फोटो : Freepik
पोषण की कमी और अवसाद
शरीर में आयरन, विटामिन बी12 और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी थकान और आलस का कारण बन सकती है। इसके अलावा, अवसाद भी हाइपरसोम्निया का एक प्रमुख कारण है। डिप्रेशन में व्यक्ति अक्सर बहुत ज्यादा सोता है, क्योंकि नींद उसकी समस्याओं से बचने का एक तरीका बन जाती है।
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सांकेतिक तस्वीर (Doctor) - फोटो : freepik
क्या करें?
अगर आपको लगातार 7 से 8 घंटे से ज्यादा सोने की जरूरत महसूस हो रही है, या नींद पूरी होने के बाद भी दिन में सुस्ती और आलस बना रहता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर कुछ टेस्ट करके सही कारण का पता लगा सकते हैं। इसके साथ ही जीवनशैली में बदलाव, जैसे नियमित व्यायाम और संतुलित आहार, इस समस्या को दूर करने में बहुत मददगार हो सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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